गांव के मतदाताओं ने वोटर लिस्ट की जांच कराते हुए एसआईआर कार्य पूरा कराए जाने की उठाई मांग
महोबा। जहां एक ओर बीएलओ विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को पूर्ण करने लगे हुए वहीं दूसरी तरफ 2003 की वोटर लिस्ट में ढूंढने के बाद भी मतदाताओं के नाम न मिलने से उनका एसआईआर कार्य नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को एक मामला विकासखंड कबरई के गौहारी खोड़ा गांव में देखने को मिला जहां पर पूरे गांव के मतदाताओं के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं मिला, जिससे परेशान होकर ग्रामीण मतदाताओं ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर वोटर लिस्ट की जांच कराते हुए एसआईआर कार्य पूरा कराए जाने की मांग की है।
विकासखंड कबरई के गौहारी खोड़ा के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि पूरे प्रदेश की भांति जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें गणना प्रपत्र वितरित करने के बाद हस्ताक्षर कराके वापस बीएलओ को जमा कराना है, जिससे प्रपत्रों का आनलाइन कराया जा सके। बताया कि ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि 2003 की वोटल लिस्ट में गांव के एक भी मतदाता का नाम नहीं है, जबकि 1995 में जब महोबा हमीरपुर जिले से अलग होकर नए जिले में परिवर्तित किया गया तब से सभी गांव के मतदाता प्रत्येक चुनाव में अपने मत का प्रयोग करते आए हैं, बावजूद इसके 2003 की वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम शामिल नहीं है।
ग्रामीण मतदाताओं ने बताया कि बीएलओ शिवनारायण व ग्रामीणों ने अपने आसपास के हर पोलिंग बूथ की लिस्ट खोजने पर भी गांव के किसी भी मतदाता का नाम नहीं मिल रहा है। बताया कि गांव के अधिकांश मतदाता दलित समाज के है, ऐसी स्थिति में समस्त ग्रामीणों को नई वोटर लिस्ट से नाम कटने के कारण चुनाव में अपने मत का प्रयोग न किए जाने का डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गणना प्रपत्र डिजिटाइज कराने से पहले 2003 की वोटर लिस्ट की गहनता से खोजबीन कराए जाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र देने वालों में श्यामकरन, अशोक, सुमित्रा, कल्लू, बाबू, कालीदीन, फूलकली, बब्ली, प्रेमा, दयाशंकर, गिरजा, पत्ती, मोहनिया, कृपाल, कलावती, इंद्रानी, फूला, शिवकली, हल्कीबहु सहित आधा सैकड़ा ग्रामीण शामिल हैं।





