मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला और लॉस एंजेलिस की एक AI कंपनी के बीच विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। उर्वशी की टीम ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीरों और वीडियो का व्यावसायिक इस्तेमाल किया। टीम के मुताबिक, इस मामले में करीब 7,000 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद की शुरुआत उर्वशी रौतेला के एक इंटरव्यू के बाद हुई। यह इंटरव्यू Bollywood AI और Hollywood AI से जुड़े शीराज हसन के साथ था। बातचीत के दौरान उर्वशी ने AI और बॉलीवुड के बदलते रिश्ते पर अपनी राय रखी थी।
इसके बाद उर्वशी की टीम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि लॉस एंजेलिस स्थित कंपनी ने एक्ट्रेस के नाम, फोटो और वीडियो का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल किया और इससे व्यावसायिक फायदा उठाया।
7,000 करोड़ रुपये के हर्जाने की बात
उर्वशी की टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कंपनी के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं और नुकसान की भरपाई के लिए 7,000 करोड़ रुपये की राशि का आकलन किया गया है। टीम का आरोप है कि उनकी पहचान और कंटेंट के इस्तेमाल से कंपनी ने बड़ी व्यावसायिक वैल्यू हासिल की।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में यह राशि मांगे/आकलित किए जा रहे हर्जाने के तौर पर बताई गई है। इसे अदालत द्वारा तय किया गया हर्जाना नहीं माना जाना चाहिए।
AI कंपनी के CEO ने क्या कहा?
विवाद के बीच शीराज हसन ने सोशल मीडिया पर उर्वशी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू में उनके मुंह में कोई बात नहीं डाली गई थी। साथ ही उन्होंने उर्वशी को AI और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर और जानकारी हासिल करने की सलाह दी।
कंपनी का नाम स्पष्ट नहीं
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि उर्वशी की टीम की ओर से जारी सार्वजनिक बयान में संबंधित कंपनी का स्पष्ट नाम नहीं बताया गया है। रिपोर्टों में इसे लॉस एंजेलिस स्थित AI कंपनी के रूप में बताया गया है, जबकि विवाद में शीराज हसन और उनकी कंपनियों का संदर्भ सामने आया है।
मामला क्यों चर्चा में है?
AI के जरिए किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज और वीडियो के इस्तेमाल को लेकर दुनियाभर में पर्सनैलिटी राइट्स और डिजिटल पहचान से जुड़े सवाल लगातार उठ रहे हैं। उर्वशी रौतेला का मामला भी इसी व्यापक बहस से जुड़ता नजर आ रहा है। फिलहाल इस विवाद में आगे की कानूनी कार्रवाई और संबंधित पक्षों के दावों पर नजर बनी हुई है।





