एनएबीएल मानकों के अनुरूप गुणवत्ता एवं विश्वसनीय जांच की होती है पुष्टि
सैफई,इटावा। कुलपति प्रो.(डॉ.)अजय सिंह के गतिशील एवं दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस),सैफई की केंद्रीय प्रयोगशाला ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेट्रीज़(NABL)से मान्यता प्राप्त की है।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसपी सिंह ने बताया केंद्रीय प्रयोगशाला को ISO 15189:2022 मेडिकल प्रयोगशालाएँ:गुणवत्ता एवं दक्षता की आवश्यकताएँ मानक के अंतर्गत यह मान्यता प्रदान की गई है।यह प्रमाणन चिकित्सा परीक्षणों में गुणवत्ता,शुद्धता, विश्वसनीयता एवं तकनीकी दक्षता के अंतरराष्ट्रीय मानकों की पुष्टि करता है। यह मान्यता प्रमाणपत्र संख्या MC-7837 के अंतर्गत 23 दिसंबर 2025 से 22 दिसंबर 2029 तक वैध रहेगी।
उन्होंने बताया कि मान्यता के दायरे में क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री एवं हेमेटोलॉजी से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण जांचें शामिल हैं,जिनमें रक्त शर्करा परीक्षण, यकृत एवं गुर्दा कार्य परीक्षण,लिपिड प्रोफाइल,पूर्ण रक्त गणना (CBC), परिधीय रक्त स्मियर परीक्षण सहित अन्य आवश्यक जांचें सम्मिलित हैं।ये सभी परीक्षण मानकीकृत एवं प्रमाणित विधियों के माध्यम से किए जाते हैं, जिससे परिणामों की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
यह उपलब्धि विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण,विश्वसनीय एवं रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।एनएबीएल मान्यता प्राप्त होने से चिकित्सकों एवं रोगियों का प्रयोगशाला परीक्षणों पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा तथा बेहतर निदान एवं उपचार में सहायता मिलेगी।इस मिली उपलब्धि के लिए संकायध्यक्ष डॉ आदेश कुमार,चिकित्सा अधीक्षक डॉ अमित सिंह एवं सभी संकाय सदस्यों ने विभागध्यक्ष पैथोलॉजी डॉ पिंकी पांडे,विभागाध्यक्ष बायोकेमेस्ट्री आदिल रहमान,लैब डायरेक्टर डॉ रूपक अग्रवाल को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता कुलपति के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता,गुणवत्ता सुधार तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।





