गोरखपुर। जनसुनवाई में लापरवाही और कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बरतने पर गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार को दो चौकी प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित किए गए अधिकारियों में चौकी प्रभारी दूधराबाजार (थाना सिकरीगंज) और चौकी प्रभारी बरही (थाना झंगहा) शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने बताया कि दोनों चौकी प्रभारियों के विरुद्ध जनसुनवाई के दौरान लापरवाही, अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए जाने पर दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है तथा उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर जन शिकायतों की उपेक्षा या जनता के साथ अनुचित व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई शासन की प्राथमिकता है, और प्रत्येक अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनका समयबद्ध निस्तारण करे।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी द्वारा जनहित कार्यों में शिथिलता बरतने या अनुशासनहीनता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी राज करन नय्यर के इस निर्णय को पुलिस विभाग में सख्त अनुशासनात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह स्पष्ट है कि गोरखपुर पुलिस प्रशासन जन शिकायतों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





