शाहजहांपुर, जनपद में गणतंत्र दिवस समारोह के उपलक्ष में प्रबुद्ध चेतना समिति द्वारा दो दिवसीय गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसमें प्रथम दिवस 25 जनवरी को बुद्ध वंदना के उपरांत आयोजित ‘तिरंगा एकता एवं मित्रता सम्मेलन’ के मुख्य अतिथि डा. विपिन मिश्र, नगर आयुक्त ने कहा कि संविधान निर्माता डा. बी. आर. अम्बेडकर ने देश के सभी नागरिकों को समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देकर उसे स्वाभिमान के साथ जीने का अंदाज़ बताया. जिसके कारण हर व्यक्ति अपनी क्षमताओं का प्रयोग कर ऊँचे से ऊँचे स्तर तक पहुँच सकता है.
जी एफ. कालेज के प्रोफेसर डा. नोमान ने अपने सम्बोधन में सभागार में उपस्थित युवा छात्रों से कहा कि घर परिवार छोड़कर यहाँ छात्रावास में रहकर पढ़ने वाले छात्रों को अपना ध्यान केवल पढ़ाई पर लगाना चाहिए. उन्हें अध्ययन के लिए एकांत मिला हुआ है. इसका लाभ लेना चाहिए. अपने अंदर वाकपटुता और स्वाभिमान का विकास करना चाहिए.
गन्ना किसान संस्थान के सहायक निदेशक डा. पीके कपिल ने कहा कि अपने परिवारिक स्तर पर भी सामाजिक चेतना की आवश्यता है.
तोताराम बौद्ध आचार्य ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि तथागत बुद्ध एवं बाबा साहेब अम्बेडकर के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाया जा सकता है.
इसके अतिरिक्त प्रबुद्ध चेतना समिति के अध्यक्ष कवि ज्ञानेन्द्र मोहन ‘ज्ञान, जगदीश प्रसाद, रामसागर यादव, मुन्नालाल मौर्य, सी एल कनौजिया, सियाराम दिनकर, फैज़ान इदरीसी सहित कई लोगों ने समारोह को सम्बोधित किया.
दूसरे दिन 26 जनवरी को आयोजित ‘प्रबुद्ध महिला वर्ग सम्मान समारोह में नगर की प्रबुद्ध महिलाओं को सम्मानित किया गया.
बुद्ध वंदना के उपरांत सुनीता गौतम की अध्यक्षता में कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क़ृषि वैज्ञानिक डा.अर्चना ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर द्वारा भारतीय संविधान के माध्यम से देश की केवल दलित ही नहीं, बल्कि सभी नारियों को स्वाभिमान के साथ जीने का अधिकार दिलाया.
समारोह को डा. अस्मा, सुशीला देवी, अल्का कुमारी, नीलम सिंह, संतोषी गौतम, दीपिका सिंह, सलोनी सिंह, वंदना सिंह, यशवर्धन सिंह ने सम्बोधित किया.
नगर आयुक्त डा. विपिन मिश्र द्वारा समस्त महिलाओं को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया.
दोनों दिन कार्यक्रम का संचालन सुरेश पाल सिंह एडवोकेट के किया तथा आभार ज्ञापन कार्यक्रम संयोजक जगदीश चंद्रा ने किया.





