अमरोहा में मुहर्रम का महीना आते ही फिज़ा अज़ादारी के रंग में डूब गई है। इसी कड़ी में 9 मुहर्रम का रिवायती निशानों का जुलूस पूरी अक़ीदत, शिद्दत और ऐहतराम के साथ बरामद हुआ। इस दौरान पूरा माहौल या हुसैन-या हुसैन की सदाओं से गूंज उठा। दरबार कलां से जुलूस बरामद होने से पहले एक मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में सोज़खानी मुदस्सिर अली खान ने की। मुख्य वक्ता सैय्यद अली सफ़ी नक़वी (पूर्व निदेशक, विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार) ने ख़िताब किया। उन्होंने कर्बला के शहीदों की क़ुर्बानी पर रौशनी डालते हुए कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) का पैग़ाम इंसानियत और हक़ के लिए सब कुछ क़ुर्बान कर देने का है। उनके जीवन और सिद्धांतों को अपनाकर ही समाज में अमन और भाईचारे को मज़बूत किया जा सकता है। मजलिस के दौरान कर्बला के वाकयात को सुनकर अज़ादारों की आँखें नम हो गईं।
मजलिस के बाद ‘ए दोस्त इब्ने साक़ी-ए-कौसर हुसैन है’ पढ़ते हुए दरबार कलां से निशानों का जुलूस पूरी शानो-शौकत के साथ बरामद हुआ। यह जुलूस अपने पारंपरिक रास्तों से होता हुआ आगे बढ़ा और दरबार कलां से प्रारंभ होकर मंडी चौब के इमाम बाड़े होता हुआ,बड़ा बाज़ार के रस्ते कटकुई जाकर समापन हुआ। जुलूस के पूरे मार्ग में हज़ारों की संख्या में अज़ादार (शोक मनाने वाले) मौजूद रहे, जिन्होंने काले लिबास पहनकर कर्बला के शहीदों को पुरसा पेश किया। रास्ते में अंजुमन जानिसराने हुसैन ने नौहा पेश किया। जुलूस का संचालन अंजुमन असग़री व अंजुमन रज़ाकार ए हुसैनी ने संयुक्त रूप से किया। जबकि सुरक्षा व व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी (DM) द्वारा गठित की गई विशेष कमेटी के सदस्य ज़िया एजाज़, लियाक़त अली, बाकर रज़ा नक़वी,नदीम नकवी, शहज़ाद रज़ा, क़ासिम जैदी जुलूस के साथ मुस्तैद रहे।
जुलूस अपने तय रास्तों से गुज़रता हुआ कटकुई स्थित इमामबारगाह ‘दोस्त अली हाउस’ पहुँचायहाँ मशहूर शायर/नौहाख़्वान समर मुज्तबा अमरोहवी ने आज की तारीख का बेहद दर्दनाक और तारीखी नौहा पेश किया भूल जाएंगे सब कुछ, कर्बला न भूलेंगे… पेश किया। इस मर्मस्पर्शी नौहे को सुनते ही इमामबारगाह और आस-पास का माहौल ग़मगीन हो गया। नौहे की आवाज़ पर हज़ारों की तादाद में मौजूद अज़ादारों ने सीनाज़नी (मातम) की और हुसैन इब्ने अली की शहादत को याद किया। देर रात में सभी इमाम बारगाहो में खुसूसी रोशनी का एहतमाम किया जायज जिसको देखने के लिए अमरोहा के साथ साथ आस पास के गांव देहात से भी लोग अमरोहा पहुंचें/ आज के जुलूस का संचालन अंजुमन रजा काराने हुसैनी के काईद गुलाम सज्जाद जनरल सेक्रेटरी खुरशीद हैदर जैदी इमदाद आब्दी चंदन नकवी आदि ने किया।





