इटावा। जनपद के शिक्षक राम जनम सिंह की स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद खुदीराम बोस के जीवन पर आधारित पुस्तक खुदीराम बोस:द बॉय हू स्माइल्ड एट डेथ का भव्य विमोचन लखनऊ में संपन्न हुआ।यह पुस्तक विमोचन कार्यक्रम देशभक्ति,साहित्य और इतिहास के संगम का सजीव उदाहरण बना। कार्यक्रम में पुस्तक का विधिवत विमोचन संयुक्त शिक्षा निदेशक अजय कुमार सिंह,राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ में पाठयपुस्तकों का कार्य देख रही श्रीमती नीलू सिंह एवं साथ सोल आर्क के मृणाल मिश्र द्वारा किया गया।इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक न केवल खुदीराम बोस के साहस और त्याग को उजागर करती है, बल्कि युवा पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम,कर्तव्य और आत्मबलिदान की भावना से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी है।
लेखक राम जनम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह कृति केवल एक ऐतिहासिक विवरण नहीं, बल्कि उस चेतना का दस्तावेज़ है जिसने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी।उन्होंने बताया कि खुदीराम बोस का जीवन आज के युवाओं के लिए भी उतना ही प्रासंगिक है,जितना वह औपनिवेशिक काल में था।मुख्य अतिथियों ने पुस्तक की भाषा,शैली और भावनात्मक प्रभाव की सराहना करते हुए इसे छात्रों,शिक्षकों और सामान्य पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।उन्होंने कहा कि ऐसी पुस्तकों से इतिहास जीवंत होता है और बलिदान की परंपरा स्मृतियों में नहीं,बल्कि विचारों में जीवित रहती है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित साहित्यकारों,शिक्षकों और पाठकों ने लेखक को शुभकामनाएँ दीं और पुस्तक के व्यापक प्रसार की कामना की। कार्यक्रम में सुनील चतुर्वेदी डाइट लखनऊ के प्रवक्ता व शिक्षक गण उपस्थित रहे





