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वफ़ा का फूल खिला मुर्तुज़ा के आंगन में पर आयोजित हुई महफ़िल ए वफ़ा

भोर तक चली महफ़िल में अंत तक जमे रहे श्रोता
अंजुमन फेदाए अबुल फ़ज़लिल अब्बास के ज़ेरे निगरानी हुआ महफ़िल ए वफ़ा का आयोजन
डुमरियागंज सिद्धार्थनगर। तहसील क्षेत्र के उपनगर हल्लौर स्थित दरगाह हज़रत अब्बास अ०स० में शनिवार शाम अंजुमन फेदाए अबुल फ़ज़लिल अब्बास के ज़ेरे निगरानी महफ़िल ए वफ़ा का 38वें दौर का आयोजन किया गया। जिसमें बैरूनी व मुकामी शायरों ने बेताब हल्लौरी के मिसरे तरह “वफ़ा का फूल खिला मुर्तुज़ा के आंगन में” पर अपने अपने कलाम पेशकर खूब वाहवाही बटोरी। इस दौरान भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
महफ़िल ए वफ़ा की शुरुआत अब्बास अली मास्टर के तिलावते कलाम पाक से हुआ। तत्पश्चात अम्बर मेंहदी ने नात ए पाक पेश किया। इसके बाद बाद बकायदा तौर पर महफ़िल शुरू हुई। निज़ामत के फ़रायज़ को ज़ाहिद काज़मी ने शुरुआती दौर में एक से बढकर एक कलाम पेश कर महफ़िल को उरूज पर पहुँचाया। इसके बाद बैरूनी शायर अख्तर लखनवी, अनवर सेन्थली, मौलाना अर्शी मौलाई, आरज़ू जलालपुरी, सूजाअ उतरौलवी के अलावा मुकामी शायरों ने अपना अपना कलाम पढ़कर वाहवाही बटोरी। महफ़िल की सदारत कर रहे इमाम जुमा हल्लौर मौलाना शाहकार हुसैन ज़ैदी ने कहा कि इंसान इस दुनिया मे साहिबे फ़ज़्ल बनना चाहता है और कोशिश यह करता है कि जितनी फ़ज़ीलते हो सके वो इंसान इस दुनिया मे हासिल कर सके और लोग उसे साहिबे फ़ज़्ल कहने लगे। कुछ ऐसा हो जाये कि जहाँ वो जाए जहाँ भी  उसका ज़िक्र हो उस फ़ज़ीलत को उसके साथ जोड़कर देखा जाए और उस फ़ज़ीलत से अलग न देखा जाए। हम बहुत से कामों को अंजाम देते है ताकि वह फ़ज़ीलत हमसे चस्पा हो जाये। जहाँ भी हमारा नाम लिया जाए उस फ़ज़ीलत का ज़िक्र किया जाए। अंत मे हज़रत अब्बास अलमदार के मर्तबे पर रोशनी डाली। वही तकरीर करते हुए ज़ाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर करबलाई ने हज़रत अब्बास अलमदार की जिंदगी पर विस्तार से रोशनी डाली। अंत मे अंजुमन के सदर एजाज़ अहमद मल्ले व सिकरेट्री तंज़ीम पंजतन ने आये हुए शायरों का शुक्रिया अदा किया। महफिल में पढ़ने वाले शायरों व मौलाना, ज़ाकिर को बराये इसाले सवाब अहमद सुहेल का हदिया एजाज़ अहमद मल्ले ने पेश किया। इस मौके पर वज़ीहुल हसन, हसन ताक़ीब रिज़्वी, अब्बास अली, अहसन मेंहदी, शमशाद हैदर,अम्बर मेंहदी, केआर खुशतर, मनव्वर रज़ा, फ़हीम हैदर, हसन जमाल, आले रज़ा, अकबर मेंहदी, तसकीन हैदर, इन्तेज़ार हुसैन शबाब, आबिद, शम्स हैदर, काज़िम रज़ा, महफूज़ मैक्स, मंटू,नौशा, शिबू लारा, जानशीन सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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