वीरांगना झलकारी बाई पार्क महानगर में धूमधाम से मनाई जाएगी वीरांगना झलकारी की जयंती
एक मंच पर जमा होंगे विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, तैयारी बैठकों का क्रम जारी, इतिहास दबाने वालों को जबाब देने की तैयारी
सेवानिवृत्त डिप्टी कमिश्नर और वरिष्ठ सामाजिक चिंतक शिव प्रसाद वर्मा ने कहा है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में दलित और पिछड़े वर्ग के शूरवीरों और वीरांगनाओं का महान योगदान रहा है। अंग्रेजी सेना से असली लड़ाई इन्हीं लोगों ने लडी है, परंतु मनुवादी इतिहास कारों ने अपनी भेदभावपूर्ण लेखनी से इतिहास को दबाने का प्रयास किया। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की ओर से भारतीय संविधान में शिक्षा, समानता और वोट के अधिकार के साथ आरक्षण मिलने से बहुजन समाज के लोग पढ़ लिख कर आगे बढ़े तमाम लोगों ने इतिहास पर शोध किया और 1980के दशक में दलित लेखकों और साहित्यकारो न ने सही इतिहास लिखना शुरू किया।
आज तमाम पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं,अब कोई भी हमारे इतिहास को दबा नहीं सकता। झांसी के महासंग्राम में कोरी कुल में जन्मी वीरांगना झलकारी बाई और उसके पति गोलंदाज पूरन कोरी ने अंग्रेजी सेना के छक्के छुड़ा दिए, रणभूमि में वीर गति पाई, इतिहास कारों ने लक्ष्मी बाई को खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी -लिखा, परंतु झलकारी बाई के शौर्य गाथाओं का उल्लेख करने के बजाय भेदभावपूर्ण लेखनी चलाई।
कोरी समाज के सामाजिक कार्यकर्ता पिछले चार दशक से वीरांगना झलकारी बाई और अन्य सभी वीरों और वीरांगनाओं के सही इतिहास को घर घर पहुंचाने में लगे हुए हैं,। भारत सरकार और देश की सभी राज्य सरकारों ने वीरांगना झलकारी बाई को आज तक वह मान सम्मान नहीं दिया,जिसकी वह हकदार है। वीरांगना झलकारी बाई, भारतीय समाज की आधी आबादी की शक्ति और गौरव की प्रतीक है।
शिवप्रसाद वर्मा ने पारदर्शी विकास से बातचीत में कहा कि अब उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली सहित देश के अन्य राज्यों में भी वीरांगना झलकारी बाई की जयंती मनाई जाती है, फिर भी भारत सरकार ने अभी तक वीरांगना झलकारी बाई की जयंती और बलिदान दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया और न ही पाठ्यक्रमों में उचित स्थान दिया है।
उन्होंने बताया कि 22नवम्बर को लखनऊ में बादशाहनगर मेट्रो स्टेशन के पास वीरांगना झलकारी बाई जन्मोत्सव समारोह धूमधाम से मनाया जाएगा। कोरी समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक समस्याओं पर भी चर्चा होगी। केरल कैडर के आई पी एस ओ भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार कोरी समारोह के मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।
लखनऊ की वरिष्ठ कोषाधिकारी साधना कोरी विशिष्ट अतिथि हैं। मध्यप्रदेश के वरिष्ठ सामाजिक चिंतक प्रोफेसर डॉ विनोद सेवारिया जी मुख्य वक्ता हैं। उन्होंने कोरी समाज के सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों और सभी राजनीतिक दलों के कोरी समाज के विधायकों, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों से समारोह में शामिल होने की अपील की है।





