सिद्धार्थनगर। एक ही डिस्पैच से नियुक्त तीन शिक्षकों के फर्जी होने की आशंका के संबंध में एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार और अधिकारी के बयान के बाद उस डिस्पैच नम्बर से नियुक्त दर्जनों शिक्षकों ने पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन और उस डिस्पैच नम्बर की दर्जनों शिक्षकों के नियुक्ति पत्र की छाया प्रति देते हुए बिना जांच पड़ताल और पर्याप्त आधार के आशंका मात्र से इस प्रकार के समाचार और मीडिया में बयान न दिए जाने की मांग की है।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र ने कहा कि यदि किसी शिक्षक के बारे में कोई आशंका है, तो संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण और उस समय के डिस्पैच रजिस्टर और पत्रावली के ऑफिस कॉपी की जांच के बाद ही इस प्रकार का समाचार और बयान दिया जाना चाहिए।
1992 में उक्त डिस्पैच नम्बर से जिले में नियुक्त सैकड़ों शिक्षक उस खबर को पढ़कर मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में है, और अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित है।
महामंत्री कलीमुल्लाह ने कहा कि जब दहाई और सैकड़े की संख्या में नियुक्ति/पदोन्नति/स्थानांतरण/समायोजन/चयन और प्रोन्नत वेतनमान का आदेश होता था तो उस समय पूरी सूची का एक ही तिथि और एक ही डिस्पैच नम्बर होता था। सूची में संबंधित शिक्षक के नाम और क्रमांक पर (सही) का निशान लगाकर एक प्रति संबंधित को उपलब्ध करा दी जाती थी। प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र महामंत्री कलीमुल्लाह के इलावा वरुणेंद्र राय, अब्दुल अजीज, संजय कुमार आनंद, दिलीप कुमार चौधरी, संजय कुमार कन्नौजिया, आशा देवी, संध्या शुक्ला, सुशीला त्रिपाठी, राम कला, राम अवतार, जीत बहादुर चौधरी आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।





