बिलग्राम खानकाहे नसीरीया चिश्तिया, बिलग्राम में हज़रत सैय्यद शाह ताहिर अली नसीरी चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स बड़ी अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाया गया। पूरे दिन खानकाह का माहौल रूहानी कैफ़ियत और इश्क-ए-औलिया की खुशबू से महकता रहा।
उर्स की सरपरस्ती सज्जादानशीन हज़रत सैय्यद शाह मोहम्मद अफसर अली नसीरी चिश्ती ने फ़रमाई, वहीं सैय्यद करम नसीर साहब सरपरस्त की हैसियत से मौजूद रहे। सुबह नमाज़-ए-फ़ज्र के बाद कुरआन-ख़ानी, और 10 बजे गुस्ल-ए-शरीफ़ अदा किया गया। इसके बाद महफ़िल-ए-समा का शानदार प्रोग्राम हुआ जिसमें मशहूर कव्वाल राजू मुरली और शबी नसीरी ने अपनी दिलकश आवाज़ों से समां बांध दिया। महफ़िल के बाद लंगर-ए-आम तक़सीम किया गया।
प्रोग्राम में शफ़ीपुर शरीफ़ से हज़रत मखदूम शाह सफी रहमतुल्लाह अलैह के सज्जादानशीन हज़रत नवाज़िश मियां (समधी मियां) ने तशरीफ़ लाकर उर्स की रौनक में इज़ाफ़ा किया। उर्स में बड़ी संख्या में उर्सजन और सादात-ए-किराम ने शिरकत की, जिनमें ख़ास तौर पर:
सैय्यद काशिफ अली नसीरी, सैय्यद औसाफ अली नसीरी, सैय्यद नदीम अली नसीरी, सैय्यद बासिर मियां, सैय्यद दानिश नसीरी, अबरार नसीरी, वहीद नसीरी, इख़लाक नसीरी, हुरमत नसीरी, मतीन मियां, मांजू नसीरी सहित तमाम मुरीदाने-खानकाह शामिल रहे। अंत में सज्जादानशीन हज़रत सैय्यद अफसर मियां साहब क़िब्ला ने अम्न, सलामती और तरक़्क़ी की ख़ास दुआ कराई।





