Thursday, January 22, 2026
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सहकारिता से ही संभव है आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत : डीडीएम

ललितपुर। ग्राम पंचायत खड़ोबरा में नाबार्ड द्वारा सहकारिता साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीणों में सहकारिता के महत्व और लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। जिला विकास प्रबंधक सलिल अकरवंशी ने सहकारिता को ग्रामीण भारत की रीढ़ बताया और कहा कि यह आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है। बुधवार को नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) के जिला विकास प्रबंधक कार्यालय की ओर से सहकारिता साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीणों में सहकारिता आंदोलन के महत्व, सिद्धांतों और इसके सामाजिक-आर्थिक लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड ने कहा कि सहकारिता हमारी परंपरा, एकता और साझेदारी का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मॉडल ग्रामीण भारत की रीढ़ है, जो किसानों, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को संगठित कर आत्मनिर्भरता की राह दिखाता है।

नाबार्ड सहकारी समितियों को वित्तीय सहयोग, प्रशिक्षण और विपणन सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त बना रहा है। उन्होंने बताया कि नाबार्ड की प्राथमिकता है कि हर गांव में सक्रिय सहकारी समितियां बनें, जो कृषि, दुग्ध उत्पादन, कुटीर उद्योग और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि सहकारिता से न केवल आर्थिक विकास संभव है, बल्कि यह सामाजिक एकता और पारस्परिक सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है। ग्राम प्रधान ने कहा कि सहकारिता कोई नई अवधारणा नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन से गांवों में सहभागिता और पारदर्शिता की भावना विकसित होती है। सहकारी समितियों के गठन, संचालन और उनके अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, सहकारी समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने नाबार्ड अधिकारियों से सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण, विपणन और प्रशिक्षण की सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से गांवों में जागरूकता बढ़ेगी और सहकारी आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न ब्लॉकों में भी ऐसे सहकारिता साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे ताकि ग्रामीणों तक विकास की हर योजना पहुंच सके। वहीं कार्यक्रम में सीएफएल जाखौरा से आरोह फाउंडेशन की ओर से एफसी सोहिब खान, एफसी दीपक यादव व बृन्दावन ने वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। इसी क्रम में कृषि विभाग से अंकिता नायक द्वारा किसानों को रबी फसलों के फसलवार प्रबंधन, संतुलित पोषण प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य सुधार तथा उन्नत कृषि संसाधनों के समुचित उपयोग के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान वीणा तिवारी, रोंडा समिति सचिव जगदीश, पंचायत सहायक सत्यम यादव सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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