बिलग्राम (हरदोई)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बना बिलग्राम से रहुला होते हुए जफरपुर तक का मार्ग आज बदहाली का मार्ग बन चुका है। सड़क कई जगहों से टूट-फूट गई है और गड्ढों ने इसकी शक्ल बिगाड़ दी है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) इस सबसे बेखबर नजर आ रहा है।
ब्लॉक माधौगंज के फत्तेपुर गांव में तो सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि वह एक तालाब का रूप ले चुकी है। यह ‘तालाब’ न सिर्फ वाहनों के लिए, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी मुसीबत बन गया है। वहीं, बिलग्राम ब्लॉक के गनीपुर स्थित जूनियर हाई स्कूल के सामने बने बड़े-बड़े गड्ढे स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
विभागीय रवैया: जिम्मेदारी का टालमटोल और फोन बंद
इस गंभीर समस्या को लेकर जब PWD के बिलग्राम के सहायक अभियंता (एई) से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी है और जब तक धनराशि नहीं आएगी, तब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सकता। जब उनसे पूछा गया कि हाल ही में इसी मार्ग पर पैचिंग का काम क्यों कराया गया, तो उन्होंने बात को टालते हुए दूसरे एई रविंद्र कुमार का मोबाइल नंबर दे दिया। लेकिन यह नंबर बार-बार बंद मिला। एक अन्य एई ने तो यहां तक कह दिया कि यह समस्या उनके क्षेत्र में नहीं आती।
लोगों का आरोप: पैचिंग के नाम पर खानापूर्ति और भ्रष्टाचार
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग पैचिंग के नाम पर महज दिखावटी काम करता है और बड़ी मरम्मत से बचता रहता है। उनका कहना है कि दो बार पैचिंग का काम हो चुका है, लेकिन हर बार छोटे-छोटे गड्ढे भरकर खानापूर्ति कर दी गई, जबकि बड़े गड्ढों को नजरअंदाज कर दिया गया। लोगों को शक है कि इस तरह के अधूरे काम के पीछे अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण मार्ग है बर्बाद होने की कगार पर
यह मार्ग कई गांवों के लिए जीवनरेखा की तरह है। लोग न केवल अपने दैनिक कामकाज के लिए, बल्कि राजघाट और मेंहदीघाट जाने के लिए भी वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस सड़क का उपयोग करते हैं। ऐसे में इसकी इस दुर्दशा से लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जनता की मांग है कि विभाग तुरंत इस मार्ग की ठोस मरम्मत कराए और पारदर्शिता के साथ काम करे, ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके।





