HomeHealthदेशभर में डेंगू का बढ़ता खतरा: दिल्ली से गुजरात और तमिलनाडु तक...

देशभर में डेंगू का बढ़ता खतरा: दिल्ली से गुजरात और तमिलनाडु तक अलर्ट

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में डेंगू के अलग-अलग प्रकार के विषाणुओं की मौजूदगी ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली से लेकर गुजरात, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर सतर्कता जरूरी है। खास बात यह है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान की देशव्यापी निगरानी में डेंगू के चारों प्रकार के विषाणु आठ राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों में एक साथ पाए गए हैं।

जुलाई 2026 में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 के बीच 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से जुटाए गए 6,889 प्रयोगशाला-पुष्ट नमूनों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में शामिल हर राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में डेंगू के कम से कम दो प्रकार के विषाणुओं की मौजूदगी सामने आई। <Entity value=”राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान” category=”organization” disambig=”भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अंतर्गत चिकित्सा अनुसंधान संस्थान”/> के निष्कर्षों के मुताबिक, एक से अधिक प्रकार के विषाणुओं से संक्रमण होने पर गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। <Cite refs={[“turn446429news5″,”turn446429news6”]}/>

आठ राज्यों में डेंगू के चारों प्रकार के विषाणु

अध्ययन में आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में डेंगू के चारों प्रकार के विषाणु पाए गए। इनमें दूसरे प्रकार का विषाणु सबसे अधिक प्रचलित रहा, जबकि तीसरे प्रकार की मौजूदगी भी कई क्षेत्रों में दर्ज की गई। करीब सात प्रतिशत नमूनों में एक से अधिक प्रकार के विषाणुओं से एक साथ संक्रमण पाया गया। <Cite refs={[“turn446429news5″,”turn446429news6”]}/>

विशेषज्ञों के लिए यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि डेंगू का संक्रमण हर व्यक्ति में एक जैसा असर नहीं डालता। कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने, रक्तस्राव और जोड़ों में दर्द जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए बुखार को सामान्य मानकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

जवानों में खतरे को लेकर क्या है स्थिति?

डेंगू का जोखिम उन क्षेत्रों में अधिक हो सकता है, जहां मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। घनी आबादी, जलभराव और खुले में रखे पानी के बर्तन संक्रमण के प्रसार में योगदान दे सकते हैं। सैन्य शिविरों और प्रशिक्षण क्षेत्रों में भी मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई और समय पर चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण हैं।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में देशभर के जवानों में डेंगू के मामलों का कोई एकीकृत ताजा आंकड़ा नहीं मिला है। इसलिए जवानों में संक्रमण बढ़ने के दावे की पुष्टि के लिए अलग से आधिकारिक सैन्य आंकड़ों की जरूरत है।

सरकार ने बढ़ाई निगरानी

केंद्र सरकार ने मानसून और उसके बाद फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए निगरानी, समय पर जांच, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने और अस्पतालों को तैयार रखने पर जोर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को संवेदनशील इलाकों में रोकथाम संबंधी गतिविधियां तेज करने की सलाह दी है। <Cite refs={[“turn446429search2″,”turn446429search3”]}/>

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण संबंधी सरकारी आंकड़ों में वर्ष 2026 के लिए डेंगू के मामले और मौतें राज्यवार दर्ज की जा रही हैं। हालांकि, इन आंकड़ों को रिपोर्ट की अद्यतन तिथि के संदर्भ में ही देखना जरूरी है, क्योंकि साल के दौरान संख्या लगातार बदलती रहती है। <Cite refs={[“turn446429search0″,”turn446429search1”]}/>

डेंगू से बचने के लिए क्या करें?

  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
  • कूलर, गमलों, टंकियों और पानी के बर्तनों की नियमित सफाई करें।
  • पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या मच्छररोधी उपाय अपनाएं।
  • तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द या आंखों के पीछे दर्द होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
  • पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, खून आना या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular