Sunday, November 30, 2025
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धर्म गुरुओं ने बाल विवाह के खात्मे को कमर कसी

साई ज्योति संस्थान का संकल्प—एक वर्ष में बनाएंगे ‘बाल विवाह मुक्त हमीरपुर’

हमीरपुर। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को साई ज्योति संस्थान द्वारा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के आह्वान पर सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में धर्म गुरुओं एवं ग्राम स्तरीय स्वयंसेवियों का सम्मेलन आयोजित किया गया। विभिन्न सम्प्रदायों के धर्म गुरुओं ने हमीरपुर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम में संस्था के जिला समन्वयक कैलाश गौतम ने बताया कि साई ज्योति संस्थान अगले एक वर्ष तक सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाएगा। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शुरू किए गए 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान में स्कूल-कॉलेजों, धार्मिक स्थलों, विवाह से संबंधित सेवा प्रदाताओं और ग्राम पंचायतों/नगरपालिका वार्डों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि इस कुप्रथा का स्थाई रूप से अंत किया जा सके।

कैलाश गौतम ने बताया कि साई ज्योति संस्थान देश के 451 जिलों में सक्रिय जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क का हिस्सा है, जिसके 250 से अधिक सहयोगी संगठनों ने पिछले एक वर्ष में एक लाख से अधिक बाल विवाह रोके हैं।

अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने पर साई ज्योति संस्थान ने जिलेभर में स्कूलों, ग्राम समुदायों व अन्य संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम और शपथ समारोह आयोजित किए। लोगों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दी गई और बताया गया कि बाल विवाह में शामिल या सहयोग करने वाले—जैसे पुरोहित, मेहमान, कैटरर्स, टेंट, बैंड व सजावट वाले—कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं।

कार्यक्रम समन्वयक पंकज तिवारी ने बताया कि संस्था ने प्रशासन और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सहयोग से पिछले एक वर्ष में 1000 से अधिक बाल विवाह रुकवाए हैं।

सरकार द्वारा अभियान को और गति देने के लिए घोषित नए कार्यक्रम का स्वागत करते हुए संस्था के सचिव अजय श्रीवास्तव ने कहा कि यह 100 दिवसीय विशेष अभियान देश में सामाजिक परिवर्तन की दिशा तय करेगा और बेटियों को अवसरों से वंचित करने वाली सदियों पुरानी मानसिकता को तोड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन चरणों

में संचालित होगा—

  • पहला चरण: 31 दिसंबर तक—शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता
  • दूसरा चरण: 1 से 31 जनवरी—मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारों पर फोकस
  • तीसरा चरण: 8 मार्च (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) तक—पंचायती क्षेत्रों व समुदायों में भागीदारी

कार्यक्रम में शिव विजय सिंह, सनत श्रीवास्तव, लियाकत अली, अनुभव शुक्ला (सीडब्ल्यूसी), तबस्सुम (वन स्टॉप सेंटर), चाइल्डलाइन के जिला समन्वयक सफवान, हाफिज मोहम्मद हनीफ, इमाम मस्जिद, महंत राम दुलारे दास (चौरा देवी मंदिर), देवी चरण त्यागी (भुवनेश्वरी मंदिर), राम मनोहर तिवारी (राधा कृष्ण मंदिर) सहित 50 से अधिक धर्म गुरुओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में शिव कांती एवं हरीराम भी मौजूद रहे।

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