मनीला/नई दिल्ली। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ देश की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकवाद को जड़ से समाप्त करना भारत का दृढ़ संकल्प है। फिलीपींस में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को लेकर दिए गए संदेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सुरक्षा नीति को चर्चा में ला दिया है।
राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आतंकवादी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता उठाता रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया को भारत का संदेश
ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई के संदर्भ में महत्वपूर्ण रहा है। भारत ने मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए यह अभियान शुरू किया था। भारत ने इसे आतंकवादी ढांचे के खिलाफ लक्षित कार्रवाई बताया था।
इस अभियान के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। भारत का कहना रहा है कि आतंकवादी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार लोगों और उनके नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।
भारत-फिलीपींस रक्षा सहयोग भी अहम
भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में मजबूत हुआ है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, रक्षा उपकरणों और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ा रहे हैं। ऐसे में आतंकवाद के खिलाफ भारत का संदेश व्यापक सुरक्षा साझेदारी के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई
भारत का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए वैश्विक स्तर पर सहयोग आवश्यक है। आतंकवादी संगठनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता, हथियारों और अन्य संसाधनों पर रोक लगाने के लिए देशों के बीच समन्वय जरूरी है।
राजनाथ सिंह के संदेश का मुख्य जोर राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के विरुद्ध दृढ़ कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर है। हालांकि, फिलीपींस में दिए गए उनके इस विशेष बयान के सटीक शब्दों और कार्यक्रम के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।


