राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक मामले पर भाजपा सरकार पर छात्रों के विरोध को दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत सिस्टम की मांग की, कहा कांग्रेस तब तक नहीं रुकेगी जब तक न्याय नहीं मिलता।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक के चलते मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट रद किए जाने के बाद राज्यों में चल रहे कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की राज्य सरकारें युवा कांग्रेस तथा एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसा रही हैं।
मगर कांग्रेस डरने वाली नहीं और हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते तथा देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सिस्टम नहीं बन जाता।कांग्रेस नेता ने कहा कि यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने चुराया है।
राजस्थान कांग्रेस के नेतृत्व में जयपुर में गुरूवार को नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए बड़े विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई का प्रदेश कांग्रेस हैंडल से साझा किए गए वीडियो को एक्स पर रिपोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “जब मोदी जी इटली में टॉफी खिलाते हुए रील्स बना रहे थे, पेपर लीक से त्रस्त भारत के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे। क्योंकि नीट पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया।”
कांग्रेस का शिक्षा मंत्री पर हमला
उन्होंने कहा, “कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी और मोदी जी ने न जिम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, न एक शब्द कहा। अब जब छात्र,एनएसयूआई और कांग्रेस के कार्यकर्ता न्याय की आवाज उठा रहे हैं तो भाजपा की प्रदेश सरकारें उन पर लाठियां बरसा रही हैं। जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठी से देती है, वो जवाबदेही से नहीं, डर से चलती है। पर हम डरने वाले नहीं हैं।”
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने भी पेपर लीक पर सरकार को घेरते हुए एक्स पोस्ट में कहा कि जो लोग नीट परीक्षा को साफ-सथुरा नहीं रख सकते उनसे क्या उम्मीद की जाए।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 साल से मौजूदा सरकार में पेपर माफिया हावी है और पूरे देश की शिक्षा और परीक्षा दोनों को इन माफियाओं ने टेकओवर कर लिया है और बीते एक दशक में 100 से ज्यादा परीक्षा लीक और घोटाले सामने आए हैं इनमें व्यापम घोटाला, 2014 का पीएमटी घोटाला, 2018 एसएससी घोटाला, 2022 बीपीएससी घोटाला, 2024 यूजीसी-नीट घोटाला, 2026 नीट घोटाला आदि शामिल हैं। सुरेजवाला ने कहा कि पेपर लीक अब केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि व्यवस्था का ‘नया सामान्य स्वरूप’ बन चुका है।





