अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जेलों में बंदियों से गुंडा टैक्स वसूलना आम बात हो गई है। सूत्रों से पता चला है कि अलीगढ़ जेल में आने वाले प्रत्येक कैदी से गुंडा टैक्स की वसूली की जाती है। यह वसूली का खेल कैदी के आने पर दूसरे दिन से ही शुरू हो जाता है। गुंडा टैक्स इस प्रकार हैं बैरिक चार्ज 600 रुपए, मसकत मुक्त कराने का चार्ज 3400 रुपए यह शुल्क प्रदेश की सभी जेलों में अलग अलग नियत हैं। मथुरा जेल में यह शुल्क क्रम से 500 और 3800 रुपए हैं। इस गुंडा टैक्स की वसूली जेल प्रशासन के इशारे पर होती हैं।
इतना ही नहीं जिले के आलाधिकारी पुलिस कप्तान, जिला जज, जिलाधिकारी जेलों का निरीक्षण करते हैं परंतु उनका जवाब होता हैं की सब ठीक है। प्रश्न यह उठता है कि जब जेल में जब सब ठीक है तो गुंडा टैक्स की वसूली क्यों? यही नहीं जेल के अंदर प्रतिबंध वस्तु जैसे गोल्ड मोहर, सिगरेट तथा नशीला पदार्थ भी मुंह मांगी कीमत पर मिलता है। इस संबंध में अलीगढ़ जेल प्रशासन के जेल अधीक्षक , जेल सुप्रीटेंडेंट से हमारे प्रतिनिधी ने बात करनी चाही तो उनका फोन नहीं उठा। वही हैरानी की बात तो यह है कि प्रदेश के कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति का मोबाइल नंबर 9412372850 पर वार्ता की जानी चाही तो उनका नंबर ही आउट ऑफ सर्विस निकला।
जब प्रदेश के कारागार मंत्री का ही नंबर आउट ऑफ सर्विस है तो जेल प्रशासन के आलाधिकारियों के द्वारा फोन नहीं उठाना इस बात को जन्म देती हैं की यह गुंडा टैक्स की वसूली उनके है इशारे पर होती है। एक तरह प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार मुक्त की बात कहते हैं तो क्या यह गुंडा टैक्स भ्रष्टाचार नहीं है? इस संबंध में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ठाकुर सोमवीर सिंह से बात की तो उनके विचार। जेल में बंद कैदियों को अपराध और अत्याचार दोनों को जन्म देती हैं। जेल में कैदी सुधरने जाता हैं परन्तु इस भ्रष्टाचार के कारण वह और बड़ा अपराध करने को मजबूर होता हैं। बीजेपी सरकार को इस गुंडा टैक्स को तुरंत रोकना चाहिए।





