नई दिल्ली। ₹2,000 से अधिक के यूपीआई मर्चेंट भुगतान पर संभावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ₹2,000 तक के यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा। हालांकि, ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट लेनदेन पर एमडीआर लागू करने का रास्ता खुला है और इसकी दर अभी तय होनी बाकी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े डिजिटल भुगतानों पर शुल्क लगाने की अनुमति देना अमेरिकी भुगतान कंपनियों के दबाव के आगे झुकने जैसा है। राहुल गांधी ने सरकार पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और इसे अमेरिका के सामने “सरेंडर” बताया।
राहुल गांधी के मुताबिक, ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई भुगतान संख्या में कम हो सकते हैं, लेकिन उनका कुल लेनदेन मूल्य काफी बड़ा हिस्सा है। ऐसे में एमडीआर लागू होने पर इसका असर व्यापारियों की लागत और आगे चलकर वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने की आशंका उन्होंने जताई।
महत्वपूर्ण बात: अभी यह कहना सही नहीं होगा कि हर आम ग्राहक से ₹2,000 से अधिक का यूपीआई भुगतान करने पर सीधे कोई तय चार्ज वसूला जाएगा। मौजूदा व्यवस्था में ₹2,000 तक के भुगतान पर शुल्क की मनाही स्पष्ट है, जबकि इससे ऊपर के मर्चेंट भुगतान पर एमडीआर की दर तय होना बाकी है।





