Wednesday, March 4, 2026
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बाल विवाह रोकने के लिए पुलिस की अनोखी पहल

संभल पुलिस की अनोखी पहल: बाल विवाह रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी अधिकारियों को जारी किये निर्देश

संभल, अवधनामा संवाददाता जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने एक अनूठी पहल की है। जिसके तहत जिला प्रोवेशन अधिकारी, पंचायती राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी , मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विधालय निरीक्षक और समस्त क्षेत्राधिकारी तथा सभी थाना प्रभारियों को एक आधिकारिक पत्र जारी कर बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। जिसमें बाल विवाह को सामाजिक कुप्रथा बताते हुए इसे रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया गया है। और संभल में वर्तमान समय में भी ऐसे तथ्य संज्ञान में आ रहे हैं कि लगातार बाल विवाह हो रहे हैं।

इसके लिए उपर्युक्त विषय के संबंध में जनपद में होने वाले बाल विवाह की रोकथाम हेतु ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान/सचिव/आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं चाइल्डलाइन के द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है। बाल विवाह के खिलाफ पिछले कई बर्षों जिले में काम कर रहे प्रयत्न संस्था (जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन) के प्रभारी गौरीशंकर चौधरी ने पिछले दिनों अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अनुकृति शर्मा के साथ सभी थानों एवं जिला स्तरीय अधिकारीयों के साथ बैठक कर एक कार्ययोजना तैयार की थी जिसमें ग्राम प्रधान/सचिव/आशा/आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/चाइल्ड लाइन टीम व बाल संरक्षण अधिकारियो द्वारा उपर्युक्त विषय पर ग्राम सचिवालयों में आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों, बाजार चौराहों में एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया था।

और जनपद में होने वाले बाल विवाहों की सूचना सम्बन्धित थानों पर नियुक्त बाल कल्याण अधिकारी/चाइल्ड लाइन नंबर 1098/डायल-112 या प्रयत्न संस्था (जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन) की टीम को देने का सुझाव दिया था जिससे बाल विवाह के खिलाफ प्रभावी रोकथाम की जा सके। साथ ही उपरोक्त सभी विभाग प्रत्येक माह आयोजित होने वाली मासिक मीटिंग में उक्त विषय पर प्रगति आख्या एस पी कार्यालय स्थित थाना ए एच टी को प्रेषित करना सुनिश्चित करें जिससे अभियान को गति मिल सके। संभल पुलिस की इस पहल को सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सराहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राम स्तर पर जागरूकता और समन्वित कार्रवाई से बाल विवाह जैसी कुरीति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। संभल पुलिस की यह मुहिम जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में बाल अधिकारों की रक्षा के लिए एक मिसाल बन सकती है।

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