Wednesday, February 11, 2026
spot_img
HomePolitical'PM में सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहीं', खरगे का भाजपा...

‘PM में सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहीं’, खरगे का भाजपा पर हमला; प्रधानमंत्री के जवाब पर किया पलटवार

मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर सदन को लोकतांत्रिक तरीके से न चलाने और पीएम मोदी पर सवालों का जवाब देने की हिम्मत न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम केवल पुरानी बातें दोहराते हैं और उनका मनोबल टूट गया है। खरगे ने नरवणे की किताब, ‘गद्दार’ विवाद और नेहरू की आलोचना पर भी पीएम को घेरा, पुलवामा पर खुफिया तंत्र पर सवाल उठाए।

कांग्रेस अध्यक्ष राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह सदन को लोकतांत्रिक तरीके से नहीं चलाना चाहती और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में पूछे उनसे पूछे गए सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहीं है।

राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव चर्चा के जवाब में किसी सवाल का उत्तर नहीं देने का दावा करते हुए खरगे ने दावा किया कि ”झूठ दोहराना” ही पीएम मोदी का काम रह गया है और वे केवल सौ-पचास साल पुरानीबातें करते हैं।

खरगे ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब जब कांग्रेस के पास है तो सत्ता में बैठे लोगों के पास नहीं होगी यह विश्वास के लायक नहीं मगर इस सच्चाई से दूर गृहमंत्री और रक्षामंत्री इसके अस्तित्व को नकार रहे।

राज्यसभा में पीएम के दिए जवाब पर मीडिया से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी ने नरवणे की पुस्तक की चर्चा उठाई तो पहले सच सुन लेते और फिर सरकार उसका जवाब देती मगर ऐसा नहीं किया गया। प्रधानमंत्री ने हमारे किसी मुद्दे का जवाब नहीं दिया और गालियां देने का हम पर झूठा आरोप लगाया।

केंद्रीय राज्यमंत्री बिटटू को गद्दार कहने संबंधी विवाद को सिखों के अपमान से जोड़ने के बयान को खारिज करते हुए खरगे ने कहा कि सदन के बाहर दो लोगों के बीच हुई बातचीत सिख समुदाय का अपमान कैसे हो गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सिखों का बहुत सम्मान करती है और कांग्रेस सरकार में डॉ. मनमोहन सिंह पहले वित्तमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बने।

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की आलोचना के संदर्भ में खरगे ने कहा कि पीएम मोदी के दिमाग में बस यही रहता है कि दूसरों को कैसे नीचा दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि देश में जब कुछ नहीं बनता था तो नेहरू ने सार्वजनिक उपक्रम स्थापित किए और पीएम मोदी ने उसे खत्म करने का काम किया है।

खरगे का दावा

साथ ही यह दावा किया कि पीएम मोदी के पास देश का मार्गदर्शन करने के लिए न कोई विजन है, न विचाराधारा और उनकी बातों से साफ लगता है कि पीएम का मनोबल टूट गया है, उनकी चमक फीकी पड़ गई है।

इंटेलिजेंस इनपुट की दलील देकर लोकसभा में पीएम के अभिभाषण का जवाब देने के लिए आने से रोकने के स्पीकर ओम बिरला के दावे को हास्यास्पद बताते हुए खरगे ने कहा कि अगर आपका खुफिया तंत्र इतना अच्छा है तो पुलवामा जैसे आतंकवादी हमलों के दौरान वह कहां था।

पीएम की भाषा पर एतराज जताते हुए खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री पद पर बैठा व्यक्ति लोकतंत्र और देश के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल करता है तो यह अच्छी बातनहीं है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular