Tuesday, March 17, 2026
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राजघाट बिलग्राम में छोड़े गए दो लाख से अधिक मछलियों के बच्चे, गूंजा “अविरल गंगे – निर्मल गंगे” का संदेश

पवित्र कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर हरदोई का ऐतिहासिक राजघाट गंगा तट एक अनोखे दृश्य का साक्षी बना।

यहाँ मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत रिवर रैंचिंग कार्यक्रम एवं गंगा संरक्षण जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें गंगा को निर्मल, अविरल और जैव विविधता से परिपूर्ण बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गंगा पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती एवं विशिष्ट अतिथि भाजपा अवध क्षेत्र अनु मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री पी.के. वर्मा ने गंगा आरती कर गंगा संरक्षण का संदेश दिया। इसके उपरांत दोनों अतिथियों ने गंगा की धारा में जीवित मछलियों के दो लाख से अधिक बच्चे प्रवाहित किए — जो न केवल गंगा की जैव विविधता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि प्राकृतिक पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने की एक सार्थक पहल भी है।

प्रेमावती ने कहा कि “गंगा हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन का आधार है। इसे स्वच्छ और जीवंत बनाए रखने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है।”

वहीं पी.के. वर्मा ने कहा कि “गंगा संरक्षण तभी सफल होगा जब समाज का हर वर्ग इसमें भागीदारी निभाएगा। जनसहयोग से ही ‘अविरल गंगे – निर्मल गंगे’ का सपना साकार हो सकता है।”

इस मौके पर जिला संयोजक हिंदू जागरण मंच कौशलेंद्र सिंह गुड्डा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “गंगा केवल नदी नहीं, यह हमारी सभ्यता की आत्मा है। गंगा को बचाना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना है।”

उन्होंने गंगा संरक्षण को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे गंगा स्वच्छता अभियान को लोक आंदोलन के रूप में अपनाएँ। कार्यक्रम में जनपद प्रभारी अधिकारी मत्स्य धनंजय कुमार, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत प्रदीप कुमार गुप्ता, मत्स्य विभाग व जिला पंचायत के कर्मचारी, स्थानीय मत्स्यपालक, और सैकड़ों श्रद्धालुजन मौजूद रहे।

  • सभी ने गंगा तट पर ‘गंगा मेरी माता है, इसका रखरखाव मेरा दायित्व है’ का संकल्प दोहराया।
  • कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने गंगा तट पर उपस्थित लोगों को गंगा स्वच्छता अभियान, नदी संरक्षण, और मत्स्य पालन के पर्यावरणीय लाभों की जानकारी दी।
  • साथ ही गंगा में अपशिष्ट पदार्थों के प्रवाह को रोकने और जैविक संतुलन बनाए रखने की अपील भी की गई।
  • कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने दीपदान किया और गंगा मैया से देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
  • पूरा वातावरण “हर हर गंगे – जय गंगे माता” के जयकारों से गूंज उठा।
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