ओस्लो: नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। नॉर्वे के शाही परिवार ने उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि की है। किंग हेराल्ड पंचम ने 1991 से लेकर अपने निधन तक करीब 35 वर्षों तक देश की राजगद्दी संभाली और इस दौरान उन्हें नॉर्वे के सबसे लोकप्रिय और आधुनिक सोच वाले राजाओं में गिना गया। वह शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में शांतिपूर्वक दुनिया से विदा हो गए।
पिता के निधन के बाद बने थे राजा
किंग हेराल्ड पंचम का जन्म 21 फरवरी 1937 को हुआ था। 1991 में अपने पिता किंग ओलाव पंचम के निधन के बाद उन्होंने नॉर्वे की राजगद्दी संभाली। अपने लंबे शासनकाल में उन्होंने राजशाही को बदलते दौर के साथ जोड़ने और आम लोगों के करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कारोबारी परिवार की बेटी से शादी ने बटोरी थीं सुर्खियां
किंग हेराल्ड पंचम की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही। उन्होंने 1968 में सोनजा हाराल्डसेन से विवाह किया, जो शाही परिवार से नहीं थीं। उस दौर में इस शादी को नॉर्वे की राजशाही के लिए परंपराओं से अलग और आधुनिक कदम माना गया। दोनों की लंबी प्रेम कहानी और विवाह ने किंग हेराल्ड की आधुनिक छवि को और मजबूत किया।
नॉर्वे में शोक की लहर
किंग हेराल्ड के निधन के बाद पूरे नॉर्वे में शोक का माहौल है। सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुके हैं और देशभर से उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश एक ऐसे राजा को याद करेगा, जिन्होंने अपने लोगों के प्रति प्रेम, गर्मजोशी और विश्वास के साथ लंबा सार्वजनिक जीवन बिताया।
किंग हेराल्ड पंचम के निधन के बाद उनके बेटे क्राउन प्रिंस हाकोन ने नॉर्वे की गद्दी संभाल ली है और अब वे किंग हाकोन अष्टम के रूप में देश का नेतृत्व करेंगे।





