नेपाल। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्रियों के अब तक लापता होने की खबर है। परिजन लगातार अपने प्रियजनों की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं और सरकार से राहत एवं खोज अभियान तेज करने की भावुक अपील कर रहे हैं।
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में हुई इस प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इलाकों में सड़क, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होने के कारण लापता लोगों तक पहुंचना राहत टीमों के लिए चुनौती बना हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, बड़ी संख्या में भारतीय तीर्थयात्री भी प्रभावित हुए हैं।
महाराष्ट्र में लापता कैलाश यात्रियों की जानकारी जुटाने और पहचान प्रक्रिया में मदद के लिए 40 से अधिक संस्थाओं के 500 से ज्यादा स्वयंसेवक सक्रिय किए गए हैं। प्रभावित परिवारों को नेपाल पुलिस और भारतीय दूतावास की ओर से उपलब्ध जानकारी की जांच करने की सलाह दी जा रही है।
वहीं, कई परिवारों का कहना है कि उन्हें अभी तक अपने परिजनों की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। परिजनों ने सरकार से अपील की है कि खोज और बचाव अभियान को और तेज किया जाए तथा लापता तीर्थयात्रियों के बारे में नियमित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
नेपाल की इस त्रासदी में हजारों लोगों के लापता होने की खबरों के बीच परिवारों की उम्मीद अब भी अपने अपनों की सुरक्षित वापसी पर टिकी हुई है।





