राहत हुसैन रिज़वी की ओर से मजलिस का हुआ आयोजन
इटावा। इमाम हज़रत अली शेरे खुदा की शहादत पर घटिया अज़मत अली स्थित अली मेहदी के मकान पर राहत हुसैन रिज़वी की ओर से मजलिस का आयोजन किया गया,मजलिस में मौला अली के ताबूत की जियारत बरामद हुई, ताबूत मातमी नोहाख्वानी के साथ इमाम बारगाह पहुंचा।मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन ज़ैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा मौला अली अल्लाह के घर काबे में पैदा हुए और अल्लाह के घर मस्जिद में सजदे में शहीद हुए। अल्लाह कुरान में फरमाता है कि जो इंसान किसी मोमिन को जानबूझकर कत्ल कर दे वह हमेशा के लिए जहन्नुम में रहेगा,ऐसे इंसान पर अल्लाह भी लानत करता है।
रसूल अल्लाह सल्ल.ने फरमाया अल्लाह ने अली के चेहरे को देखना और अली के जिक्र को इबादत करार दिया है। मौला अली को मस्जिद कूफ़ा में नमाज के दौरान सजदे की हालत में शहीद कर दिया गया।मौला अली पर जहर से बुझी तलवार से हमला किया गया जिससे वह जख्मी हो गये और तीसरे दिन उनकी शहादत हो गई।मौला अली के ताबूत को अल्हाज़ क़मर अब्बास नक़वी करबलाई, राहत अक़ील,राहत हुसैन रिज़वी,शावेज़ नक़वी,समर अब्बास व मौला अब्बास के अलम को तालिब रिज़वी लेकर इमाम बारगाह पहुंचे जहां महिलाओं ने भी ताबूत की जियारत की। मजलिस में तसलीम रज़ा व ज़हूर नकबी ने नोहा ख्वानी की,अली मेहदी,ज़ैन लखनऊ, सलमान रिज़वी,अर्श अब्बास ने कलाम पेश किए।तनवीर हसन,ज़ैन,राहिल सग़ीर,जीशान हैदर,दबीरुल हसन ने नोहा ख्वानी की।





