गाजीपुर। भगवान भास्कर के उत्तरायण होते ही मकर राशि में प्रवेश करते है और खरमास का समापन होता है और शुभ दिन की शुरुआत मानी जाती है। जिसे मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज ही के दिन कंस का भगवान कृष्ण ने अंत किया था और ऐसा माना जाता है आज के दिन अक्षत व तिल खिचड़ी का दान कर सनातनियों के ग्रह गोचर ठीक हो जाते है और नये दिन की शुरुआत माना जाता है। जनपद के विभिन्न क्षेत्र में अलग-अलग तरीकों से मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया।
जिसे लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक प्रभात व पूर्वी उ.प्र. क्षेत्र व्यवस्था प्रमुख जयप्रकाश व पदाधिकारी व स्वयंसेवक प्रातः काल में ही गंगा स्नान कर भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर पूजा उपासना किया। गरीबों में दान पुण्य व मंदिरों मे भगवान के दर्शन कर शुभ दिन की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के तहत जनपद के बिरनो, मरदह, भांवरकोल, धारानगर, जमानियॉ, रेवतीपुर, भदौरा, बरेसर, जंगीपुर व नगर सहित आदि क्षेत्रों में मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया।
इस अवसर पर सेवा बस्तियों में खिचड़ी बनाकर उनके साथ एक पंगत मे बैठकर खिचडी ग्रहण किया। जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया और एक दूसरे के घरों से चावल, दाल, हल्दी, नमक व सब्जी टमाटर गोभी मांग कर खिचड़ी तैयार कर यह आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिरनो खंड कार्यवाह अश्वनी ने बताया कि बिरनोखंड के अविसहन, जंगीपुर जैसे स्थानों पर मकर संक्रांति खिचड़ी का पर्व मनाया गया। जिसमें वक्ता के रूप अभयनरायन आदि उपस्थित रहे।





