उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता सुधारने हेतु बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र से कक्षा पांचवीं और छठी में भी एनसीईआरटी पैटर्न की पुस्तकों से पढ़ाई होगी।
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम से तालमेल बैठाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र से कक्षा पांचवीं और छठी में भी एनसीईआरटी पैटर्न की पुस्तकों से पढ़ाई कराने की तैयारी है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने इन कक्षाओं के लिए नई पुस्तकें तैयार कर ली हैं।
फिलहाल प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से चौथी तक एनसीईआरटी के आधार पर विकसित पुस्तकों से पढ़ाई कराई जा रही है। इन पुस्तकों को विद्यार्थियों की समझ, गतिविधि आधारित शिक्षण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किया गया है।
अब इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए कक्षा पांचवीं और छठी तक लागू करने की योजना बनाई गई है। एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार ने बताया कि नई पुस्तकों का मसौदा तैयार कर लिया गया है और इन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विभाग की मंशा है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से इन दोनों कक्षाओं में भी एनसीईआरटी के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू किया जाए, ताकि बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता वाली सामग्री मिल सके।
नई पुस्तकों की खासियत
नई पुस्तकों में विषयों को सरल भाषा, चित्रों और गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जिससे विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ मजबूत हो सके। साथ ही पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया है कि बच्चों में तार्किक सोच, रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान का विकास हो।
इन कक्षाओं में एनसीईआरटी पैटर्न लागू होने से प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं और आगे की पढ़ाई के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। इसके साथ ही पाठ्यक्रम में समानता आने से सरकारी और अन्य विद्यालयों के बीच शैक्षणिक अंतर भी कम करने में मदद मिलेगी।





