Friday, March 13, 2026
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भगवान श्रीराम जीवन की वह कला हैं, जिसे सीख लेने पर समाज में विवाद ही समाप्त हो सकते हैं : न्यायाधीश

सिद्धार्थनगर। प्रभुराम सनातन धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट एवं सिद्धार्थनगर धर्मार्थ सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा के विराम दिवस पर बुधवार रात पूरा सभागार भक्तिमय रहा। कथा वाचक आचार्य देव कृष्ण शास्त्री ने आशीर्वादस्वरूप प्रभु श्रीराम का चित्र आए हुए अतिथियों को भेंट किया। इस मौके पर जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव तृतीय ने कहा कि भगवान श्रीराम जीवन की वह कला हैं, जिसे सीख लेने पर समाज में विवाद ही समाप्त हो सकते हैं। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी मनोज तिवारी ने कहा कि कथा ने सिद्धार्थनगर को राममय बना दिया है। यह परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए। विधायक श्याम धनी राही ने कहा कि महंत अवैद्यनाथ हिंदू जागरण के प्रथम पुरोधा थे और उनके सभागार में हुई यह भव्य कथा उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। संतकबीरनगर मेंहदावल के विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि श्रीराम और रामायण के पात्रों के आदर्शों को समाज में आत्मसात करना आवश्यक है।

नगर पालिकाध्यक्ष गोविंद माधव ने कहा कि सिद्धार्थनगर में राम, हर घर में राम, हर मन में राम का संकल्प कथा के माध्यम से पूर्ण हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह परंपरा आगे बंद नहीं होने दी जाएगी। संगठन के जिला सचिव कृपा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा हर वर्ष सहयोग से धार्मिक आयोजन का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बताया कि 2025 के लिए सौ राम प्रेमियों का लक्ष्य पूरा हुआ और अब 2026 के लिए पांच सौ सदस्यों का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के संयोजक व अध्यक्ष सिविल बार एसोसिएशन अखंड प्रताप सिंह ने सभी के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक राजीव नयन समेत पवन कुमार, शिवांश शुक्ला, अखिलेश पांडेय, विपुल सिंह, अभिषेक पाठक, राकेश कुमार सिंह, डॉ.आरएस शुक्ला, अमित सिंह, शिवदत्त अग्रहिर, नीरज श्रीवास्तव, दिव्यांशु, राणा प्रताप सिंह अनिल श्रीवास्तव, उमाशंकर शुक्ल, पूनम विश्वकर्मा, रविंद्र कुमार मद्धेशिया बद्री वाल्मीकि सहित भारी संख्या में रामभक्त उपस्थित रहे और देर तक जयघोषों से सभागार गूंजता रहा।

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