फसल बीमा योजना में की गई भ्रष्टाचारी के खिलाफ 108 दिनों से किसानों का आंदोलन जारी, सीबीआई जांच की मांग
महोबा। जय जवान जय किसान संगठन के बैनर तले किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में की गई भ्रष्टाचारी के खिलाफ 108 दिनों से सदर तहसील में धरना दिया जा रहा है, लेकिन अभी तक इस धांधली की जांच कराए जाने के बजाय प्रशासन धरना समाप्त कराए जाने का किसानों पर दबाव बना रहा, लेकिन किसान अपनी हक की लड़ाई के लिए पीछे नहीं हट रहा है। किसान का जज्बा और धैर्य को देखते हुए अधिवक्ता भी इस आंदोलन में किसानों का समर्थन देते हुए कूद गए हैं, जिससे किसानों की भ्रष्टाचारी के खिलाफ जारी लड़ाई को और मजबूती मिल गई है।
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय जवान जय किसान के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2024 और 2025 में फसल बीमा योजना के तहत किसानों की पॉलिसियों का पैसा दलालों के माध्यम से संपादित कर अन्य लोगों के खातों में भेज दिया गया, जिससे हजारों किसान इस योजना के लाभ से वंचित रह गए।
बताया कि इस पूरे मामले की जांच को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन से पारदर्शी जांच की उम्मीद न होने की बात कहते हुए सीबीआई जांच की मांग की है साथ ही खून से मुख्यमंत्री को खून से खत लिखकर भी जांच की गुहार लगाई है।
किसान नेता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें धरना समाप्त करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। प्रशासन की ओर से शांति भंग की कार्रवाई कर जेल भेजने की धमकी भी मिल रही है, लेकिन किसान अपने अधिकारों की लड़ाई में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। बताया कि किसानों की इस लड़ाई में अधिवक्ताओं ने जुड़कर उनको मजबूती प्रदान की है। अधिवक्ताओं ने किसानों के बीच बैठकर कहा कि यह न्याय की लड़ाई है।
उन्होंने किसानों के पैसे हड़पने वालों को सजा दिलाने और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग की। वकीलों ने यह भी कहा कि न्याय के लिए खड़े किसानों को डराने की कोशिशें लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ हैं और वे कानूनी रूप से भी किसानों की हर संभव मदद करेंगे। धरने के मौके पर अवधेश रैकवार, बाबलाल, सज्जनप्रसाद द्विवेदी, नंदकिशोर, अश्वनी द्विवेदी मुकंदीलाल सहित तमाम अधिवक्ता व किसान मौजूद रहे।





