भजन सुन भक्ति में लीन होकर भक्त उत्साहित झूमते दिखे
शहर के छोटी चंद्रिका मंदिर के समीप स्थित राधा कृष्ण मंदिर में किया जा रहा भागवत कथा का आयोजन
महोबा। शहर के छोटी चंद्रिका मंदिर के समीप स्थित राधा कृष्ण मंदिर में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा से पूर्व पान मंडी से कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें महिलाओं सिर पर कलश रखकर चल रही थी, वहीं अपने मुखारविंदु से भागवत कथा का वर्णन करने वाले वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक विकास शास्त्री महाराज बग्घी पर बैठकर यात्रा के साथ चल रहे थे। यात्रा दौरान कृष्ण भक्त भक्ति गीतों को सुनकर झूमते नजर आए साथ ही श्रीकृष्ण के जयकारों से माहौल भक्ति मय वातावरण में सराबोर रहा।
श्रीमद् भागवत कथा आरम्भ होने से पूर्व भक्तों ने पान मंडी से कलश यात्रा की शुरूआत की जो शहर के राठ चुंगी, राम कुंड मार्ग, कबीर आश्रम सहित विभिन्न मार्गो से होते हुए राधा कृष्ण मंदिर में पहुंचकर समाप्त हुई। कलश यात्रा में महिलाए सिर पर कलश रखे हुए झूमते हुए चल रही थी, वहीं श्रीकृष्ण के भजन सुन भक्ति में लीन होकर भक्त उत्साहित झूमते दिखे। कथा का रसपान कराने वाले महाराज बग्घी में सवार होकर भक्तों को हाथ उठाकर आर्शीवाद देने चल रहे थे। श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराते हुए कथा वाचक ने कहा कि कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना संसार का सर्वश्रेष्ठ सत्कर्म है, यह भगवान का वांग्मय स्वरूप है, जो जन्म जन्मांतर के पुन्य उदय होने पर प्राप्त होता है। कहा कि हर मनुष्य को समाज में अच्छा काम करना चाहिए।
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म कुछ संभव नहीं होता है, जो मनुष्य अच्छा कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है। बुरे कर्म करने वाले को बुरा फल मिलता है। महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत को सुनने से पाप नष्ट होता है और वह एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी पान किया जाए तब भी तृप्ति नहीं होती। कहा कि भागवत करने से आध्यात्मिक विकास होता है, मन शांत होता है और नकारात्मकता दूर होती है। यह मानसिक पवित्रता लाता है, जन्म विकार नष्ट करता है और मोक्ष की ओर ले जाता है, इसके अतिरिक्त, यह धन, परिवार, और समृद्धि जैसे सांसारिक लाभ भी प्रदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि 13 नवम्बर तक दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक भागवत कथा की जाएगी और आखिरी दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।





