कभी रात में निकला जाता है जनरेटर तो कभी खड़ा पेड़ हो जाता है गायब तो कभी ट्रैक्टर की बैटरी
टाण्डा अम्बेडकरनगर । नगर पालिका परिषद टाण्डा जहाँ अपने भ्रस्टाचार के मामले में जनपद में नम्बर एक पर है तो वही इसमे चार चाँद लगाने के लिए अब एक नए जलकल जेई भी आ गए है जिनके कारनामे लगातार सुर्खियों में बने हुए है यह जेई पालिका अध्यक्ष शबाना नाज के काफी खासम खास बताये जाते है जो बिल्कुल उन्ही के नक्शे कदम पर चलकर नगर पालिका में भ्रस्टाचार को अपनी चरम सीमा में लेकर जा रहे है जिसपर अंकुश लगाने की गुहार कई बार सभासदों ने भी की लेकिन इनपर कोई अंकुश लग नही पा रहा है।
जबसे यह नगर पालिका टाण्डा में आये है तो कभी रात में 12 बजे नगर पालिका के बन्द पड़े वाटर पम्प हाउस से जनरेटर निकाला जाता है तो कभी लाखो रुपये के कीमत का सागौन का पेड़ ही काटकर बेच दिया जाता है तो कभी नगर पालिका में खड़े लगभग आधा दर्जन ट्रैक्टरों से बैटरी ही गायब हो जाती है लेकिन सबसे खास बात यह है कि अधिकारियो द्वारा इनको बचा लिया जाता है और फिर भी इनकी काबलियत के बल पर पालिका अध्यक्ष के चहेते इन साहब को इनके पद के साथ ही कई प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी दी गई है जिससे कि यह जमकर भ्रस्टाचार कर सके।
जी हाँ हम बात कर रहे है नगर पालिका परिषद टाण्डा में तैनात जलकल जेई आशीष चौहान की यह नगर पालिका टाण्डा में जबसे आये है भ्रस्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया वैसे तो इनके कारनामो के चर्चे तो बहुत है लेकिन इनके कुछ उदाहरण है जो कि इनकी काबलियत को बयां करने के लिये काफी है जिसमे विगत 30/31 मई 2025 को रात्रि में लगभग 12 बजे छोटी बाजार में स्थित वर्षो से बन्द पड़े वाटर पम्प से जनरेटर निकलते हुए कुछ सभासदों ने देखा और इतनी रात में जेनरेटर निकलने पर जब वह सभासद वहाँ पहुँचे तो मौके पर जेई आशीष कुमार खड़े जनरेटर निकलवा रहे थे सभासदों द्वारा पूछने पर कोई संतुष्ट उत्तर न दे पाने व जनरेटर लेने आये ट्रैक्टर के भाग जाने की वजह से सभासदों ने छोटी बाजार से नगर पालिका तक जनरेटर को हाइड्रा में टांगकर नगर पालिका में लेकर आये और रखवाया इसके कुछ माह बाद ही जेई आशीष कुमार की देख रेख में चलने वाले वाटर पम्प सकरावल में मौजूद लाखों रुपये के सागौन के पेड़ को रातो रात काटकर बेच दिया गया उक्त मामले में प्रभारी अधिशासी अधिकारी/उपजिलाधिकारी टाण्डा के हस्तक्षेप के बाद घटना के कई दिनों बाद मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन आरोपी आज भी पुलिस पकड़ से दूर है वही तीसरा मामला भी इनके ही विभाग से जुड़ा हुआ है।
जिसमे नगर पालिका में खड़े ट्रैक्टरों से बैट्रियां गायब हो गई लेकिन आज तक उनका कुछ पता नही चल पाया है यह मात्र कुछ उदहारण है नगर में व नगर पालिका में इनके कारनामो के चर्चे आम है की नगर पालिका के जिस विभाग की बागडोर इनके हाथ मे आती है वहाँ भ्रस्टाचार अपनी चरम पर पहुच जाता है अब देखना यह है कि अधिकारियों की मेहरबानी पर यह जेई साहब कब तक पालिका अध्यक्ष की शय पर भ्रष्टाचार करते हुए खुद को बचाते रहेंगे इनके कारनामो की शिकायत कुछ सभासदों ने उच्च अधिकारियों और प्रमुख सचिव नगर विकास से भी की है।





