ईरान ने रखा 10 प्वाइंट का प्रस्ताव, ट्रंप बोले- ‘यह ठीक लगा’; किन बातों पर बनी सहमति?

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अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव मिलने की पुष्टि की है। ट्रंप ने कहा कि यह योजना व्यावहारिक है और अमेरिका के सैन्य उद्देश्य भी पूरे हो चुके हैं।

अमेरिका और ईरान की ओर से किए गए युद्धविराम की घोषणा को अभी एक दिन भी नहीं हुए है। इससे पहले ही युद्ध खत्म होने के संकेत मिलने लगे है। ट्रुथ सोशल पर बुधवार को किए गए एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान से 10 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव मिला है। जिसपर सहमति दी जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रस्ताव के आने से पहले ही अमेरिका ने अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है।

ट्रंप ने सभी बिंदुओं पर जताई सहमति

इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पिछली असहमति के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति जता दी है। इस विस्तार से एक स्थायी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए समय मिल जाएगा। मध्य पूर्व में शांति बनाए रखने के लिए, इस निर्णायक समझौते की दिशा में काफी हद तक काम हो चुका है।

मालूम हो कि ट्रंप ने इससे पहले ट्रुथ सोशल पर ही पोस्ट करके कहा था कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बातचीत हुई। उन्होंने मुझसे ईरान भेजे जा रहे विनाशकारी बल को रोकने का अनुरोध किया। इसके साथ ही वादा किया कि ईरान होर्मुज को पूरी तरह से खोल देगा। इसके बाद दो हफ्तों के लिए दो तरफा युद्ध विराम लागू किया गया।

ईरान ने जीत का किया दावा

हालांकि ईरान का कहना है कि उसने अमेरिका को अपनी 10 सूत्रीय योजना स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया है। यह उनकी जीत है। बता दे कि इस समझौते में आक्रामकता न करना, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण जारी रहना, संवर्धन को स्वीकार करना, सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना, सभी द्वितीयक प्रतिबंधों को हटाना, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना, IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना, ईरान को मुआवजे का भुगतान करना, इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू सेनाओं की वापसी, लेबनान के वीर इस्लामी प्रतिरोध के विरुद्ध सहित सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति करना शामिल है।

एक बयान में, देश की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा, “यह ध्यान देने वाली बात है कि इस तरह के प्रस्ताव को अपनाने से ये सभी समझौते अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बाध्यकारी हो जाएंगे और यह ईरानी राष्ट्र के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत होगी।” खास बात यह है कि इस योजना में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण बढ़ाने की भी बात कही गई है।

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