Saturday, March 21, 2026
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नेमवि रासेयो के पांचो इकाइयों के शिविरों का शुभारम्भ

अवधनामा संवाददाता

समृद्ध राष्ट्र और आत्म निर्भर भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की महती भूमिका: जि.प.अध्यक्ष

ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय के तुलसी सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना के पांचो इकाइयों के शिविर का शुभारम्भ हुआ। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण, विशिष्ट अतिथि नेमवि प्रबंधक प्रदीप चौबे, प्रबंध समिति उपाध्यक्ष विलास पटैरिया एवं प्राचार्य प्रो. राकेश नारायण ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्ज्वलन करके किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना का मूल उद्देश्य समृद्ध राष्ट्र और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में देश के युवा पीढ़ी की भागीदारी को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि समृद्धशाली समाज और राष्ट्र निर्माण में हमारे विद्यार्थियों का रचनात्मक योगदान आज की मौलिक आवश्यकता है। हम सामाजिक कुरीतियों और उन चुनौतियों से समाज को तभी मुक्ति दिला सकते हैं जब हमारा सोच सकारात्मक हो। विशिष्ट अतिथि ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का सिद्धान्त वाक्य है ÓÓमुझको नहीं तुमकोÓÓ इसी वाक्य में समाज राष्ट्र और स्वयं व्यक्ति के आधारभूत निर्माण की बुनियाद छिपी हुई है। उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी के जीवन में शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कारो के निर्माण की अत्यंत आवश्यकता है। क्योंकि ज्ञान और संस्कारों के समन्वयय से ही हम एक सशक्त समाज और राष्ट्र की बुनियाद रख सकते हैं। प्रबन्ध समिति उपाध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविरों के माध्यम से हम उन लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं जो ग्रामीण और नगरीय परिवेश में एक चुनौती बनकर खड़े हैं। इन सभी चुनौतियों से लडऩे और समाप्त करने की जिम्मेवारी हमारे शिविरार्थियों की है। प्राचार्य ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना एक ऐसा मंच है जो शिक्षा के तीनों सोपान कक्षा, मंच व मैदान। तीनों को यर्थात स्वरूप देकर विद्यार्थियों के अन्दर छिपी हुई प्रतिभा को जीवंत करता है। कहा कि शिविरार्थी दूसरे परिवेश में जाकर लोगों की समस्याओं का निदान करना और उन प्रवृत्तियों को दूर करना जो आज हमारी सामाजिक संरचना के लिए चुनौती बने हुए है। हमारे पांचो इकाइयों के शिविरार्थियों से अपेक्षा है कि अपने-अपने कार्यस्थल पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर अपने कार्यों को एक आदर्श स्वरूप दें। इतिहास विभाग प्रो. पंकज शर्मा ने कहा कि रचनात्मक और सृजनात्मक कार्य ही राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविरों की मौलिक पहचान है। इस अवसर पर प्रो.अवधेश अग्रवाल, प्रो.आशा साहू, प्रो.अनिल सूर्यवंशी, अनीता, जितेन्द्र कुमार, डा.मनोज कुमार, डा.रौशन सिंह, डा.सुधाकर उपाध्याय, डा.वर्षा साहू, डा.बलराम द्विवेदी, डा.राजीव निरंजन, डा.सुभाष जैन, डा.संजीव शर्मा, डा.रामकुमार रिछारिया, डा. सुभाष जैन, डा.सूबेदार यादव, डा.दीपक पाठक, डा.जितेन्द्र राजपूत, डा.राजेश तिवारी, डा.प्रीति सिरौठिया, श्वेता आनंद, डा.रिचाराज सक्सेना, कविता पैजवार, डा. प्रीति सिरौटिया, डा.रेनू चन्देल, डा.ऊषा तिवारी, डा.वर्षा साहू, डा.विनीत अग्निहोत्री, डा.अभिलाषा साहू, डा.जगवीर सिंह, डा.पराग अग्रवाल, सुकपाल, फहीम बख्श, हरीप्रसाद, धु्रव किलेदार, दीपक रावत, अंकित चौबे, श्रीपत सिंह, संजय शर्मा, अनिल कुमार, कमलेश, राकेश प्रजापति, चुन्नीलाल, रामसेवक, लक्ष्मीसोनी, पुष्पेन्द्र तिवारी, हरनारायण पाल, कामता शर्मा आदि उपस्थित रहे। संचालन डा. सुधाकर उपाध्याय ने किया। अंत में डा.बलराम द्विवेदी ने सभी का आभार जताया।

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