जॉर्ज वॉशिंगटन अमेरिका के पहले राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कॉन्टिनेंटल आर्मी का नेतृत्व किया, वॉशिंगटन ने संविधान सभा की अध्यक्षता की, कैबिनेट प्रणाली स्थापित की थी।
जॉर्ज वॉशिंगटन अमेरिका के पहले राष्ट्रपति, स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता और नए राष्ट्र के संस्थापक थे। अपने त्याग, नेतृत्व और आदर्शों के कारण उन्हें अमेरिका का राष्ट्रपिता कहा जाता है। जॉर्ज वॉशिंगटन का जन्म ब्रिटिश शासनकालीन वर्जीनिया में हुआ था। उनके पिता एक प्लांटर और काउंटी कोर्ट के जस्टिस थे। जब जॉर्ज मात्र 11 वर्ष के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया, जिससे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां उन पर आ गईं।
वॉशिंगटन ने औपचारिक कॉलेज शिक्षा प्राप्त नहीं की थी। उन्होंने घर पर और निजी शिक्षकों से बुनियादी शिक्षा ली। गणित, ज्योमेट्री और सर्वेइंग (भूमि मापन) का ज्ञान उन्होंने स्वयं के प्रयासों से अर्जित किया। 1749 में वे कुल्पेपर काउंटी के आधिकारिक सर्वेयर बने, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव और पहचान मिली।
सर्वेयर से सैन्य नेता तक
1753 में वर्जीनिया के गवर्नर रॉबर्ट डिनविडी ने जॉर्ज वॉशिंगटन को ओहायो वैली में फ्रांसीसी सेना को चेतावनी देने के लिए भेजा। इस मिशन से वे पहली बार व्यापक रूप से चर्चा में आए। 1754 से 1763 तक चले फ्रेंच एंड इंडियन वॉर में उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में सेवा दी। मोनोन्गहेला की लड़ाई में उनके साहस और नेतृत्व की सराहना हुई। इन अनुभवों ने उन्हें एक कुशल सैन्य नेता के रूप में तैयार किया।
स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका
ब्रिटेन द्वारा लगाए गए करों और दमनकारी नीतियों के विरोध में वॉशिंगटन 1774 और 1775 में कॉन्टिनेंटल कांग्रेस से जुड़े। 15 जून 1775 को उन्हें कॉन्टिनेंटल आर्मी का कमांडर-इन-चीफ नियुक्त किया गया। सीमित संसाधनों, कड़ाके की सर्दियों और शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने सेना का मनोबल बनाए रखा। 25 दिसंबर 1776 की रात बर्फ से भरी डेलावेयर नदी पार कर ट्रेंटन पर अचानक हमला उनकी सबसे प्रसिद्ध सैन्य उपलब्धियों में से एक है। 1781 में यॉर्कटाउन की निर्णायक जीत ने अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध की दिशा बदल दी और ब्रिटेन की हार सुनिश्चित हुई।
संविधान निर्माण में भूमिका
1776 में कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने बोस्टन की लड़ाई में नेतृत्व के लिए उन्हें पहला कांग्रेसनल गोल्ड मेडल प्रदान किया। 1782 में वॉशिंगटन ने बैज ऑफ मिलिट्री मेरिट की स्थापना की, जो आगे चलकर आज के प्रसिद्ध पर्पल हार्ट पुरस्कार का आधार बना। 1787 में फिलाडेल्फिया में हुई संवैधानिक सभा की अध्यक्षता करते हुए वॉशिंगटन ने एक मजबूत संघीय सरकार की आवश्यकता पर बल दिया। उनके नेतृत्व में अमेरिका के संविधान की नींव पड़ी, जिसने नए राष्ट्र को स्थायित्व और दिशा प्रदान की।
अमेरिका के पहले राष्ट्रपति
1789 में जॉर्ज वॉशिंगटन सर्वसम्मति से अमेरिका के पहले राष्ट्रपति चुने गए। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने कई महत्वपूर्ण परंपराओं की शुरुआत की। उन्होंने कैबिनेट प्रणाली विकसित की और अलेक्जेंडर हैमिल्टन को वित्त मंत्री, थॉमस जेफरसन को विदेश मंत्री तथा जॉन जे को सुप्रीम कोर्ट का पहला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया।
घरेलू और विदेश नीति
1793 में तटस्थता की घोषणा कर वॉशिंगटन ने यूरोपीय युद्धों से अमेरिका को दूर रखा।
1794 में व्हिस्की विद्रोह को दबाकर उन्होंने संघीय सरकार की शक्ति और कानून के शासन को स्थापित किया। उनके कार्यकाल में बिल ऑफ राइट्स लागू हुआ, राष्ट्रीय बैंक की स्थापना हुई और कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संधियां की गईं।
दो कार्यकाल पूरे करने के बाद 1797 में जॉर्ज वॉशिंगटन ने स्वेच्छा से राष्ट्रपति पद छोड़ दिया। शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण की यह परंपरा आगे चलकर अमेरिकी लोकतंत्र की एक मजबूत आधारशिला बनी।





