तहसील क्षेत्र के ग्राम हेबातपुर में चल रहे इंटरलॉकिंग सड़क, नाली और बॉक्सिंग निर्माण कार्य को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गांव के लोगों ने मौजूदा प्रधान के खिलाफ गंभीर सवाल उठाते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खर्च हुई धनराशि की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस कार्य के लिए नया एस्टीमेट पास हुआ और नई सामग्री लगनी थी, वहां पुरानी उखाड़ी गई खड़ंजा ईंटों का इस्तेमाल कराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सड़क, नाली और बॉक्सिंग में पुराने मटेरियल से काम होने के कारण निर्माण की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि जब शासन से नई धनराशि स्वीकृत हुई है तो फिर पुराने मटेरियल से काम क्यों कराया जा रहा है? गांव की जनता यह जानना चाहती है कि नए एस्टीमेट का पैसा आखिर कहां खर्च हो रहा है।
वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा प्रधान कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म पर गांव में कराए जा रहे विकास कार्यों की तारीफ करते हुए दावा कर रहे हैं कि उनके द्वारा हर काम बेहतर तरीके से कराया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्थिति देखकर लोग खुद सवाल उठा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पूर्व प्रधान से जुड़ा एक कथित ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसके बाद से विकास कार्यों की पारदर्शिता को लेकर चर्चा होती रही है। अब मौजूदा निर्माण कार्य ने इन चर्चाओं को फिर हवा दे दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन व संबंधित विभाग से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर कार्य की गुणवत्ता, स्वीकृत एस्टीमेट और खर्च हुई धनराशि की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में हो रहे विकास कार्यों की सच्चाई सामने आ सके।
इस संबंध में जब खंड विकास अधिकारी (BDO) नीरज शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।





