गोरखपुर। नार्मल स्थित हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमा का सालाना उर्स-ए-पाक बुधवार 15 अप्रैल से अदब ओ अकीदत के साथ शुरु होगा। दरगाह कमेटी के सदर इकरार अहमद ने बताया कि सैकड़ों सालों से बाबा का उर्स-ए-पाक हर साल इस्लामी माह शव्वाल की 26, 27 व 28 तारीख को अकीदत व परंपरा के अनुसार मनाया जाता है। इस बार यह तारीख 15, 16 व 17 अप्रैल को पड़ रही है। उर्स के मौके पर हर साल की तरह मेला, दीनी जलसा व दो दिनों तक कव्वाली मुकाबले का आयोजन होगा। उर्स में पूर्वांचल व दूर-दराज के जिलों से हजारों अकीदतमंद दरगाह पर पहुंचकर मजार शरीफ की जियारत करेंगे। उर्स की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस वर्ष उर्स-ए-पाक को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों को समर्पित किया गया है।
उर्स कार्यक्रम की जानकारी देते हुए इकरार अहमद ने बताया कि बुधवार 15 अप्रैल को रात 9:00 बजे से भव्य जलसे का आयोजन होगा। जिसमें बिहार के मौलाना गुलाम रसूल बलियावी व मध्य प्रदेश के डॉ. रुहुल अमीन अवाम को संबोधित करेंगे। भोर में गुस्ल व संदल पोशी की रस्म अदा की जाएगी। गुरुवार 16 अप्रैल को फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 9:00 बजे से महफिल-ए-मिलाद व दोपहर 12:15 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। शाम की नमाज (मगरिब) के बाद सरकारी चादर व गागर का पारंपरिक जुलूस मियां बाजार से निकाला जाएगा। जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल पर पहुंचेगा। मजार शरीफ की चादरपोशी की जाएगी। रात की नमाज के बाद कव्वाली का मुकाबला आयोजित होगा।
शुक्रवार 17 अप्रैल को फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 9 बजे से महफिल-ए-मिलाद व आखिरी कुल शरीफ का की रस्म अदा की जाएगी। बाद नमाज जुमा लंगर बांटा जाएगा। देश में खुशहाली, भाईचारे व अमन ओ अमान की दुआ मांगी जाएगी। रात की नमाज (इशा) के बाद कव्वाली का मुकाबला होगा। दरगाह कमेटी ने सभी अकीदतमंदों से उर्स-ए-पाक में शामिल होकर दुआ में शरीक होने की अपील की है।





