ज़िले में फ़र्ज़ी फ़र्म बनाकर करोड़ों रुपए की वस्तु एवं सेवा कर (GST) चोरी का एक और बड़ा मामला सामने आने से टैक्स चोरों में हड़कंप मच गया है। अभी 76 लाख रुपए से अधिक की GST चोरी के मामले की जाँच शुरू ही नहीं हुई थी कि, लगभग साढ़े पाँच करोड़ रुपए से अधिक की GST चोरी का मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
राजकुमार गुप्ता, उपायुक्त राज्य कर अधिकारी विशेष अनुसंधान, बाँदा ने आर. पी. इंटरप्राइजेज़ (GSTIN: 09MFCPS6827JIZL) के प्रोपराइटर विजय शंकर पुत्र शिवबदन, निवासी निवादा, थाना बिंवार के विरुद्ध FIR दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि विजय शंकर ने मैन्सलिंग फ़ेलोर की खरीद और बिक्री के लिए GST रजिस्ट्रेशन लिया था, किन्तु भौतिक सत्यापन में दर्ज पते स्टेशन रोड पर न तो कोई फ़र्म पाई गई, न कोई बोर्ड लगा मिला, और न ही कोई कर्मचारी मौजूद था। हालांकि, आरोपी विजय शंकर अपने परिवार के साथ वहीं रहते हैं।
करोड़ों का राजस्व घाटा
जाँच में पता चला है कि विजय शंकर द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹998.06 लाख और ₹1534.44 लाख की खरीद और बिक्री घोषित की गई है। इस लेनदेन से राज्य को ₹179.63 लाख और ₹276.19 लाख की भारी राजस्व हानि हुई है। इस संबंध में राज्यकर अधिकारी विशेष अनुसंधान शाखा कोतवाली नगर बाँदा ने सर्वश्री आरपी इंटरप्राइजेज़ के विरुद्ध थाना बिंवार में मुकदमा दर्ज कराया है।
आरोपी का दावा: साइबर ठगी का शिकार
आरोपी विजय शंकर ने इस संबंध में बताया कि वह साधारण परिवार से हैं और साधारण तरीके से जीवन यापन करते हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब तीन साल पहले उन्हें लॉटरी लगने का झाँसा देने वाला फ़ोन आया था, जिसके बाद उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, फ़ोटो सहित कुछ रुपए भी भेजे थे। उनका कहना है कि उन्हीं साइबर ठगों के द्वारा शायद इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया होगा।
थाना प्रभारी नंदलाल प्रजापति ने बताया कि राज्य कर विभाग की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। फ़र्म विजय शंकर के नाम पर है, और जाँच के बाद कार्रवाई की जाएगी। यह मामला फ़र्ज़ी फ़र्म बनाकर करोड़ों की टैक्स चोरी के नेक्सस की ओर इशारा करता है, जिसकी गहन जाँच अपेक्षित है।





