जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में मार्च क्लोजिंग का असर दिख रहा है। पुरानी लम्बित फाइलों को तेजी से निपटाया जा रहा है। अवशेष धन को खर्च कर उपभोग प्रमाण पत्र उच्चाधिकारियों को भेजने का काम भी बढ़ा हुआ है। जिला कोषागार कार्यालय में बिलों की संख्या बढ़ी हुई है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के दफ्तर में रात नौ बजे तक काम चल रहा है।सी एम ओ आफिस, विकास भवन और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी फाईलें देर शाम तक निपटाई जा रही हैं। सभी तहसीलों में रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालयों में भी शाम पांच बजे के बाद काम चल रहा है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी रामेंद्र कुमार ने जनपद के सभी विभागाध्यक्षों एवं आहरण-वितरण अधिकारियों को सूचित करते हुए बताया कि शासन द्वारा कोषागारों में बिल प्राप्त करने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथि को कार्य की अधिकता को देखते हुए कोषागार सायं 07:00 बजे तक खुला रहेगा तथा इसी समयावधि तक बिल से संबंधित समस्त कार्य संपादित किए जाएंगे।
इस संबंध में जिलाधिकारी संजय चौहान द्वारा जनपद के सभी कार्यालयाध्यक्षों एवं आहरण-वितरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभागों के उपलब्ध बजट के सापेक्ष समस्त बिलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूर्ण सावधानी और गहन परीक्षण के बाद ही समय से कोषागार में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि समय के भीतर बिल प्रस्तुत होने से कोषागार द्वारा उनका पारण समय से किया जा सकेगा तथा विभागों द्वारा शत-प्रतिशत बजट का उपयोग सुनिश्चित होगा, जिससे धनराशि समर्पण की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उक्त आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा की स्थिति में संबंधित विभाग के कार्यालयाध्यक्ष अथवा आहरण-वितरण अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।





