उपकरण पाकर दिव्यांग बच्चों के चेहरें खिलें
इटावा। ब्लांक संसाधन केन्द्र सैफई में समग्र शिक्षा समेकित शिक्षा के अन्तर्गत 6 से 14 वर्ष के विशिष्ट आवश्यकता वाले (दिव्यांग),जिन्हें चलने,उठने बैठने में तथा दृष्टि से समस्या ग्रस्त बच्चों के लिए तथा सुनने में अक्षम(श्रवणबाधित)बच्चों के लिए सोमवार को सहायक उपकरण/यन्त्र वितरण शिविर का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का आयोजन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डाॅ.राजेश कुमार के निर्देशन में जिला समन्वयक(समेकित शिक्षा)श्रीमती अर्चना सिन्हा एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी नवाब वर्मा के द्वारा तथा एलिम्को कानपुर से आये दिव्यांगता विशेषज्ञ पिन्टू कुमार तथा ऑडियालाजिस्ट विशेषज्ञ और कैलीपर्स विशेषज्ञ द्वारा उपकरण के लिए चिन्हित बच्चों को उपकरण वितरित किये गए।मुख्य अतिथि अजय कुमार गौतम मुख्य विकास अधिकारी तथा विशिष्ट अतिथि लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी तथा गौरव पुरोहित खण्ड विकास अधिकारी के द्वारा कार्यक्रम का शुभारम्भ सरस्वती माॅ पर माल्यार्पण कर व दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा व खण्ड शिक्षा अधिकारी नवाब वर्मा के द्वारा मुख्य अतिथि को एवं रिसोर्स टीचर प्रहलाद कुमार द्वारा विशिष्ट अतिथियों को बुके व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और प्रहलाद कुमार,अवधेश सिंह,अनिल कुमार व खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।मुख्य अतिथि द्वारा बच्चों को आशीर्बचन देते हुए कहाॅ कि आपको स्कूल आने व जाने में जो असुविधा हो रही थी आज इस उपकरण के प्रयोग से आपको शिक्षण-प्रशिक्षण में काफी सुविधा होगी और इस उपकरण के सहारे आप शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेगें। दिव्यांगता अभिशाप नही है।
कितना अच्छा है आज स्कूल न जा सकने वाले बच्चें भी उपकरण पाकर सुगमता पूर्वक रैम्प के माध्यम से स्कूल के कक्षा कक्ष तक पहॅुच सकेगें।हमें बहुत खुशी हो रही है कि समेकित शिक्षा के अन्तर्गत आप सभी बच्चों को उपकरण/उपस्कर(ट्राईसाइकिल,व्हीलचेयर,बैसाखी,कैलीपर्स ब्रेलस्लेट,स्टाइलस,छड़ी,रोलेटर तथा एमआर शिक्षण सामग्री)आदि उपकरण और कान की मशीन प्रदान कियें जा रहें है। 05 वर्ष से कम उम्र वाले मूकबधिर दिव्यांग बच्चों के लिए विकास भवन में काॅक्लियर इम्प्लायमेन्ट के लिए पंजीकरण किया जाता है इस पंजीकरण के उपरान्त बच्चों को 04 लाख से ऊपर की कान की मशीन ऑपरेशन के माध्यम से लगाया जाता है।इस सुविधा के लिए आप निःशुल्क विकास भवन में पंजीकरण करायें।कैम्प के लिए समेकित शिक्षा से अर्चना सिन्हा व उनके समस्त विशेष शिक्षक बधाई के पात्र है।जो इन दिव्यांग बच्चों को सुदूर ब्लाकों से लाकर उपकरण उपलब्ध करा रहे है और शैक्षिक सपोर्ट प्रदान कर रहे है।कार्यक्रम में उपस्थित लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के द्वारा दिव्यांगजन विभाग में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी गयी।
अन्त में जिला समन्वयक श्रीमती अर्चना सिन्हा द्वारा यह जानकारी दी गयी कि यहाॅ पर कुल पंजीकृत 258 बच्चों में से कुल 203 बच्चों को उपकरणों के लिए चिन्हित किया गया,जिसमें 27 व्हीलचेयर,08 एल्ब्रोक्रच,20 कैलीपर्स, 05 ट्राईसाइकिल,25 रोलेटर, 09 ब्रेलकीट,05 सुगम्य केन,04 सी0पी0 चेयर,एमआर टीएलएम कीट प्राइमरी- 43 व एमआर टीएलएम कीट सेकेण्डरी- 72 और कान की मशीन हेतु 20 सुनने में अक्षम बच्चों को 40 कान की मशीन के साथ बैटरी भी प्रदान किया गया और यह भी जानकारी दी कि कुछ बच्चों को एक अथवा दो और तीन उपकरण भी प्रदान कियें जा रहें जिससें बच्चा ट्राईसाईकिल से विद्यालय तक पहुॅच कर बैसाखी के माध्यम से या रोलेटर के सहारे कक्षा-कक्ष में बैठकर शिक्षा ग्रहण कर सके। कैम्प में दिब्यांग बच्चों को उपस्थित होने की हार्दिक शुभकामनायें दी गयी।कैम्प में समस्त स्पेशल एजूकेटर्स अनिल कुमार, अवधेश कुमार,जितेन्द्र मौर्य,रामकुमार यादव,यशवन्त सिंह,अवधेश सिंह,अतुल कुमार,नीलेश कुमार,ओम प्रकाश, अवधेश कुमार,सच्चिदानन्द पाण्डेय साधना मिश्रा,आकृति गौर,अम्बिका गौर, राजेश कुमार,सनेश कुमार,साधना, दिलीप सिंह,कु.अंशिका विशेष सहयोग रहाॅ।कार्यक्रम का संचालन अरूण सोनी स0अ0उ0प्रा0वि0बघुईया,सैफई द्वारा किया गया।





