इटावा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी द्वारा पुलिस लाइन स्थित सभागार में नये आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु NCL जागरूकता अभियान 2.0 के अन्तर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक अभियोजन अधिकारी,विशेष अभियोजन अधिकारी एवं अधिवक्तागण द्वारा सहभागिता की गई और उपस्थित जनसमूह को भारतीय न्याय प्रणाली के नये स्वरूप “दण्ड से न्याय की ओर”एवं उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि नये आपराधिक कानून न्याय व्यवस्था को अधिक संवेदनशील,जनसुलभ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।इन कानूनों में महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों को और अधिक गंभीरता से लेते हुए कड़े एवं त्वरित दण्ड के प्रावधान किए गए हैं, वहीं संगठित अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट और सशक्त विधिक ढाँचा तैयार किया गया है। साथ ही न्याय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए Zero FIR,E-FIR पंजीकरण,डिजिटल साक्ष्य,ई-सम्मन, ऑनलाइन सुनवाई तथा फोरेंसिक विज्ञान के प्रयोग जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
मुकदमों के शीघ्र निस्तारण हेतु सख्त समयसीमा निर्धारित की गई है, जिससे न्याय प्रक्रिया में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।नये कानूनों से पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक जवाबदेह,पारदर्शी एवं जनहितोन्मुख बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी नगर अभयनारायण राय,क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर/लाइन सुश्री आयुषी सिंह, व्यापारी,अधिवक्ता,विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ,अध्यापकगण,सामाजिक एवं महिला संगठनों के पदाधिकारी, रिक्रूट महिला आरक्षी,अभियोजन अधिकारीगण तथा पुलिस के अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।





