कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की पत्नी और पूर्व प्रथम महिला शिरंथी राजपक्षे को बुधवार, 7 अक्टूबर को भ्रष्टाचार जांच आयोग ने गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने उन्हें कोलंबो स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, मामला सरकारी बैंक से कथित तौर पर एक करोड़ श्रीलंकाई रुपये हासिल करने और सार्वजनिक संपत्ति एवं भ्रष्टाचार से जुड़े प्रावधानों के कथित उल्लंघन से जुड़ा है।
‘सिरिलिया सविया’ फंड के लेनदेन की जांच
शिरंथी राजपक्षे के खिलाफ कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जिसमें ‘सिरिलिया सविया’ संगठन से जुड़े बैंक खाते और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। वित्तीय अपराध जांच विभाग पहले भी इस मामले में उनसे पूछताछ के लिए पेश होने को कह चुका था।
सितंबर में वह चिकित्सा उपचार के लिए विदेश चली गई थीं। जांच एजेंसी के सामने पेश होने को लेकर भी विवाद सामने आया था। बाद में वह 5 अक्टूबर को श्रीलंका लौट आईं और उनकी ओर से संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की गई।
अदालत में भी चल रही थी सुनवाई
शिरंथी की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत ने वित्तीय अपराध जांच विभाग के निदेशक से जवाब मांगा था। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। इसी बीच बुधवार को भ्रष्टाचार जांच आयोग ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच राजपक्षे परिवार एक बार फिर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में है। हालांकि, किसी आरोप या जांच का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं है और शिरंथी राजपक्षे के खिलाफ अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।





