Wednesday, March 18, 2026
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फ्लाइट लेट या कैंसिल हो गई? जानिए क्या-क्या हैं आपके अधिकार और कैसे मिलेगा रिफंड

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों के लिए नियम बनाए हैं, जिसके तहत फ्लाइट लेट होने पर यात्रियों को खाना-पीना और 6 घंटे से अधिक लेट होने पर वैकल्पिक उड़ान या रिफंड का प्रावधान है। फ्लाइट कैंसिल होने पर पूरा रिफंड और मुआवजा देने का नियम है। DGCA के अनुसार, देरी होने पर यात्रियों को मुफ्त भोजन और होटल की सुविधा भी दी जाती है।

दिल्ली से लेकर उत्तर भारत तक घना कोहरा छाया हुआ है। घने कोहरे और कम विजिबिलिटी का सबसे अधिक असर उड़ानों पर हो रहा है। यही वजह की कई फ्लाइट देरी से उड़ान भर रही हैं। अगर किसी कारणवश आपकी फ्लाइट लेट या रद हो जाए तो इसको लेकर क्या है नियम चलिए जानते हैं…

दरअसल, भारत में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उड़ानों में देरी या कैंसिल होने की स्थिति में यात्रियों के सुविधा के लिए नियम बनाए हैं। सरकारी नियम के तहत यात्रियों को पूरा रिफंड, मुआवजा और लंबे इंतजार की स्थिति में खाना, होटल और ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलती हैं।

भारत में हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा इस स्थिति में यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए व्यापक अधिकार और सुरक्षा प्रदान किया गया है।

क्या है DGCA के नियम

अगर फ्लाइट लेट होती है और यात्री समय पर चेक-इन कर चुके हैं, तो एयरलाइन को इंतजार कर रहे यात्रियों को खाना-पीना जैसी बेसिक सुविधाएं देनी होती है। अगर विमान दो से चार घंटे की देरी से उड़ान भरती है तो इस स्थिति में उन्हें निःशुल्क भोजन देने का नियम है। वहीं, अगर विमान 6 घंटे से अधिक लेट होती है तो यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानें या धन वापसी की व्यवस्था की जाती है।

यात्रियों को मिलने वाली सुविधा?

  • फ्लाइट कैंसिल पर पूरा रिफंड दिया जाएगा
  • समय पर सूचना न देने या कनेक्शन मिस होने पर 5000 रुपये-10000 रुपये का मुआवजा
  • लेट फ्लाइट पर खाना-पीना, ज्यादा लेट होने पर होटल और ट्रांसपोर्ट की सुविधा
  • अगर देरी का कारण एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर हो (जैसे मौसम, राजनीतिक अशांति, प्राकृतिक आपदा) तो होटल या अन्य सुविधाएं देने की जरूरत नहीं होती।

मुआवजा के नियम

अगर विमान एक घंटे की देरी से रद की जाए तो 5000 रुपये मुआवजा मिलने के नियम हैं, अगर 2 घंटे की देरी से रद होती है तो 10000 तक का मुआवजा दिया जाता है। इसके अलावा विमान को एक घंटे के भीतर वैकल्पिक उड़ानें भरनी अनिवार्य है। 24 घंटे की देरी के बाद फिर से बुकिंग करने पर 20,000 रुपये का मुआवजा दिया जाता है।

अगर विमान में यात्रियों का सामान क्षतिग्रस्त हो जाता है या खो जाता है तो भी मुआवजा दिया जाता है। इसके अलावा यात्री अगर अपना टिकट कैंसिल करना चाहता है तो उड़ान के 7 दिन पहले तक कभी भी कर सकता है। हवाई यात्रियों को टिकट रद करने पर सभी करों और शुल्कों का पूरा पैसा रिफंड मिलेगा।

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