अम्बेडकरनगर। जनपद अम्बेडकरनगर की नगर पंचायत इल्तिफ़ातगंज की ई-निविदा में कथित रूप से कूटरचित अनुभव प्रमाण-पत्र के आधार पर अनुचित लाभ प्राप्त करने के प्रयास का मामला सामने आया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को विस्तृत शिकायत भेजकर दोषी अधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध विभागीय तथा आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
जांच में सामने आया अनुभव प्रमाण-पत्र का मामला
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं प्रभारी अधिकारी, स्थानीय निकाय, अम्बेडकरनगर श्री रंजीत कुमार की जांच आख्या दिनांक 10 अप्रैल 2026 में उल्लेख किया गया है कि ई-निविदा संख्या 1028, दिनांक 03 फरवरी 2026 के अंतर्गत लगभग ₹83.86 लाख के कार्य के लिए निविदाकार के पास कम से कम ₹28 लाख लागत के कार्य का अनुभव होना आवश्यक था।
₹16.01 लाख के कार्य को ₹30.32 लाख दर्शाने का आरोप
ठेकेदार श्री रामअचल ने नगर पंचायत जहाँगीरगंज द्वारा जारी अनुभव प्रमाण-पत्र में एक कार्य की अनुमानित लागत ₹30.32 लाख दर्शाई, जबकि उसी कार्य की वास्तविक स्वीकृत लागत ₹16.01 लाख थी।
जांच रिपोर्ट में निविदा प्रक्रिया को बताया गया त्रुटिपूर्ण
जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया कि प्रश्नगत निविदा की कार्यवाही त्रुटिपूर्ण पाई गई। इसके बाद निविदा तो निरस्त कर दी गई, लेकिन कथित रूप से फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र तैयार करने वाले ठेकेदार और उसे जारी करने वाले अधिशासी अधिकारी के विरुद्ध कोई विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया।
सरकारी अभिलेखों की कूटरचना और धोखाधड़ी का आरोप
सरकारी ई-निविदा में अनुचित लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से गलत अनुभव प्रमाण-पत्र का उपयोग कर शासन को गुमराह करने का प्रयास किया गया। यह सरकारी अभिलेखों की कूटरचना, धोखाधड़ी, लोकसेवक द्वारा पद के दुरुपयोग तथा सरकारी निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसा गंभीर मामला है।
मुख्यमंत्री से की गईं प्रमुख मांगें
मुख्यमंत्री से ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराने, अधिशासी अधिकारी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने, दोष सिद्ध होने पर कठोर दंड देने, ठेकेदार की धरोहर राशि जब्त कर उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट करने तथा मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भी समान रूप से कठोर विधिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।





