गोंडा। कोऑपरेटिव बैंक में इक्कीस करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के मामले में तेरह आरोपी 71 दिन बाद भी गोंडा पुलिस को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं सभी आरोपी मोबाइल बंद करके फरार है।गोंडा पुलिस मोबाइल बंद होने के कारण उनकी लोकेशन नहीं निकाल पा रही है।बैंक घोटाले के मामले में सोलह आरोपी बनाए गए थे,पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित अब तक तीन लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है,हालांकि पुलिस टीमें अन्य जिलों में आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रहीं हैं।पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।लेकिन आज 71 दिन बी त गए है अभी तक तेरह आरोपी गोंडा पुलिस की पकड़ से दूर है।
कोऑपरेटिव बैंक की स्टेशन रोड़ महारानीगंज शाखा में इक्कीस करोड़ सैतालीस लाख 78 हजार रुपये के बड़े घोटाले का राजफाश हुआ था।इसके बाद महाप्रबंधक की तहरीर पर सो लह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी,इस मामले में तीन तत्कालीन शाखा प्रबंधक प वन पाल,अजय कुमार और सुशील कुमार,कैशियर पवन कुमार के अलावा की खाताधारक में से गोंडा जिले के एक बीजेपी विधायक के करीबी के नाम एफआईआर दर्ज किए गए थे।इस मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए प्रबंधक पवन पाल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
वही विवेचक सभाजीत सिंह मामले से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों समेत अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लगातार प्रयास कर रहे हैं।बताया जाता है कि मामले में अन्य तेरह फरार आरोपियों ने पु लिस से बचने के लिए मोबाइल बंद कर रखा है।जिससे उनकी लोकेशन का सटीक पता नहीं च ल रहा है,मोबाइल नंबर बंद होने के कारण पुलिस को आरोपियों की लोकेशन नहीं मिल पा रही है। नगर कोतवाली के अपराध निरीक्षक सभाजीत सिंह ने बताया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। आरोपियों का कोई पता नहीं लग रहा है ना तो इनकी लोकेशन मिल रही है। जल्द ही पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई कर सकती है।





