आजमगढ़ l उपेंद्रनाथ चौरसिया क्षेत्रीय सचिव अभियंता संघ ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा लिए गए निर्देशानुसार लोकतांत्रिक तरीके से किए जा रहे आंदोलन के दौरान ऊर्जा प्रबंधन द्वारा अभियंताओं पर की गई उत्पीड़न की कार्यवाहियों को निरस्त कराने के लिए आंदोलन के पहले दिन प्रदेश भर के अभियन्ताओं ने काली पट्टी बांध कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अभियंता संघ के महासचिव इं. जितेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि उत्पीड़न के कार्रवाइयों के विरोध में प्रारंभ हुई आंदोलन के आज पहले दिन प्रदेश के समस्त जनपदों एवं परियोजनाओं पर काली पट्टी बांधकर जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने आगे बताया कि 19 मार्च 2023 को माननीय ऊर्जा मंत्री जी के समस्त उत्पीड़न की कार्रवाइयों को वापस लेने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अभी तक मार्च 2023 के आंदोलन में हुई उत्पीड़न की कार्रवाइयों को समाप्त नहीं लिया गया है।
जिसके कारण कई अभियंताओं के पदोन्नति व वेतन वृद्धि रोक कर अभियन्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है इसके साथ-साथ लगभग 1 वर्ष से बिजली के निजीकरण के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे आंदोलन के दौरान भी ऊर्जा प्रबंधन ने तानाशाही रवैया बनाते हुए उत्पीड़न की दृष्टि से अभियंताओं को चिन्हित कर अकारण चार्ज शीट देकर अभियन्ताओं की प्रोन्नति तक रोकने की तैयारी हैं तथा परामर्श पत्र के नाम पर अभियन्ताओं के स्थायीकरण आदेश तक रोक दिए गए हैं, अभियन्ताओं को दूरस्थ स्थानों पर ट्रांसफर किया गया है उपरोक्त कार्रवाइयों से पूरे प्रदेश के अभियंताओं में भारी आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। अभियंता संघ के अध्यक्ष इं. संजय सिंह चौहान ने बताया कि ऊर्जा प्रबंधन ने अभियन्ताओं के उत्पीड़न को समाप्त करने के लिए कोई सार्थक कार्रवाही नहीं की गयी है तथा प्रबंधन केवल तानाशाही पर आतुर है।
प्रबंधन के तानाशाही रवैये को देखते हुए संघ के पास आंदोलन के अतिरिक्त कोई विकल्प शेष नहीं है। ऊर्जा प्रबंधन से पुनः अनुरोध किया गया है कि जल्द वार्ता के माध्यम से समस्त उत्पीड़न की कार्रवाइयों को समाप्त किया जाए जिससे ऊर्जा निगमों में बेहतर कार्य का वातावरण स्थापित किया जा सके। कल भी प्रदेश भर के अभियन्ता काली पट्टी बांध के विरोध प्रदर्शन का क्रम जारी रहेगा। अभियंता संघ ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से निवेदन किया है कि उपरोक्त प्रकरण में हस्तक्षेप कर ऊर्जा प्रबंधन द्वारा अभियंताओं पर की गई उत्पीड़न की समस्त कार्यवाहियों को वार्ता के माध्यम से समाप्त कराने की कृपा करें जिससे प्रदेश के विद्युत अभियंता आंदोलन की राह छोड़ उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने व “बिजली बिल राहत योजना 2025″ को सफल बनाने में अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर सके।





