कांग्रेस ने मनायी पंडित मदन मोहन मालवीय व महाराजा बिजली पासी जयंती तथा चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की पुण्यतिथि
कांग्रेस दफ्तर में महान आत्माओं के चित्रों पर पुष्पांजलि करते कांग्रेसी।
मुरादाबाद। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती साथ महाराजा बिजली पासी की जयंती व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत रत्न चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की पुण्य तिथि पर कांग्रेस कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सभी के चित्र पर पुष्पांजलि करते हुए महान आत्माओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
चौमुखापुल स्थित महानगर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर महानगर अध्यक्ष जुनैद इकराम ने कहा कि मदन मोहन मालवीय ने पांच वर्ष की आयु में संस्कृत भाषा में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी। पत्रकारिता, वकालत, समाज सुधार, मातृभाषा तथा भारत माता की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले मालवीय ने राष्ट्र की सेवा के साथ ही साथ नवयुवकों के चरित्र निर्माण और भारतीय संस्कृति की जीवंतता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की। उनका मानना था कि संसार के जो राष्ट्र उन्नति के शिखर पर हैं वह शिक्षा के कारण ही हैं।
उन्होंने सभी से बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का आग्रह भी किया। उन्होंने बताया कि मदन मोहन मालवीय कहते थे कि राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है, जब वहां के निवासी सुशिक्षित हों। इसलिए वह जीवन भर गांवों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार में जुटे रहे। उनका मानना था कि व्यक्ति अपने अधिकारों को तभी भलीभांति समझ सकता है, जब वह शिक्षित हो।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना महान शिक्षाविद् रहे पंडित मदन मोहन मालवीय की मुख्य उपलब्धियों में शामिल है। इस दौरान नजाकत ठेकेदार, मुशाहिद चौधरी, नदीम उद्दीन, मौ. शादान, पार्षद मौअज्जम अली, पार्षद सद्दाम अली, पार्षद अफसर अंसारी, नदीम, योगेश, अतुल शर्मा, अहमद, महफूज अली, मौ. शमी, हाजी युसुफ अंसारी, बब्बन अब्बासी, मेराज रजा, जहीर,मौ. हनीफ, रिजवाना, नाजिया, शाहीन परवीन, अब्दुल रऊफ, लाल बाबू, सुब्हान अंसारी,अतुल कुमार आदि उपस्थित रहे।





