लखनऊ के खड़ता गांव में 59 वर्षीय ई-रिक्शा चालक अर्जुन पाल की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। उनका शव नवीनगर नहर पुलिया के पास ई-रिक्शा पलटा हुआ मिला। पहले इसे सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन पुलिस जांच और परिजनों के आरोपों से हत्या का खुलासा हुआ। मृतक के भाई ने पत्नी शिवरानी और दोनों बेटों पर घरेलू विवाद के बाद हत्या कर शव ठिकाने लगाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लखनऊ। खड़ता गांव में ई-रिक्शा चालक 59 वर्षीय अर्जुन पाल की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। फिर शव को नवीनगर नहर पुलिया के पास फेंक दिया। मंगलवार सुबह नवीनगर मार्ग पर नहर पुलिया के पास ई-रिक्शा पलटा हुआ मिला, जबकि पास ही में शव पड़ा था।
पहली नजर में मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस जांच और परिजनों के आरोपों ने इसे हत्या का मामला बना दिया है। भाई ने पत्नी व बेटों पर हत्या का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने सुबह पुलिया के पास ई-रिक्शा और शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और परिजनों ने जब घटनास्थल का निरीक्षण किया तो कई तथ्य संदिग्ध नजर आए। मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से वार और सिर कूचने के निशान पाए गए, जिससे दुर्घटना की कहानी कमजोर पड़ गई।
मृतक के भाई मुन्नूलाल पाल ने थाने में दी गई तहरीर में चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि अर्जुन पाल की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी शिवरानी और दोनों बेटों रूपलाल व राजेंद्र पाल ने मिलकर की है। तहरीर के अनुसार, सोमवार रात किसी बात को लेकर अर्जुन का पत्नी और बेटों से विवाद हुआ था।
विवाद इतना बढ़ गया कि तीनों ने मिलकर घर के भीतर ही लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर अर्जुन की हत्या कर दी। आरोप है कि हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और मामले को सड़क हादसा दिखाने के लिए आरोपितों ने रात के अंधेरे में शव को ठिकाने लगा दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। मौके पर एडीसीपी भी जांच के लिए पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक की पत्नी से भी अलग से तहरीर ली है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





