HomeMarqueeपीलीभीत में चंदे के हिसाब ने लिया खूनी मोड़

पीलीभीत में चंदे के हिसाब ने लिया खूनी मोड़

पीलीभीत, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में तीन लोगों की हत्या से जुड़ा मामला चंदे के हिसाब-किताब, आपसी विवाद और पुरानी रंजिश के सवालों को लेकर चर्चा में है। धार्मिक या सामाजिक आयोजनों के लिए जुटाई जाने वाली रकम का हिसाब जब आपसी विवाद की वजह बन जाए, तो उसका असर रिश्तों और स्थानीय माहौल पर भी पड़ सकता है। पीलीभीत के इस तिहरे हत्याकांड में भी चंदे से जुड़ा विवाद और रंजिश अहम पहलुओं के रूप में सामने आए हैं।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चंदे के हिसाब को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना गंभीर कैसे हो गया कि तीन लोगों की जान चली गई। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, घटना की असली वजह, आरोपियों की भूमिका और विवाद के घटनाक्रम को समझने के लिए पुलिस जांच तथा आधिकारिक जानकारी को आधार बनाना जरूरी है।

रामलीला मेला कमेटी की अध्यक्षता बनी विवाद की बड़ी वजह

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पीलीभीत के अमरिया कस्बे में रामलीला मेला कमेटी के अध्यक्ष पद और चंदे के आय-व्यय का हिसाब लंबे समय से विवाद का कारण बना हुआ था। पहले नरेश गुप्ता कमेटी के अध्यक्ष थे। उनके निधन के बाद उनके चचेरे भाई चंद्रप्रकाश गुप्ता को अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। दूसरे पक्ष के कौशल गुप्ता की भी कमेटी में पदाधिकारी बनने की दावेदारी बताई गई है। इसी बीच चंदे और खर्चों का हिसाब मांगने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया।

बैठकों में भी नहीं सुलझा विवाद

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद सुलझाने के लिए बैठकें हुई थीं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। 18 सितंबर को हुई बैठक में भी मामला नहीं सुलझा। इसके बाद सोमवार रात रामलीला मेले की तैयारियों और कमेटी से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए एक और बैठक बुलाई गई।

बताया गया है कि बैठक के दौरान कहासुनी बढ़ गई और दोनों पक्षों के बीच तनाव गहरा गया। बैठक समाप्त होने के बाद जब एक पक्ष के लोग वापस लौट रहे थे, तभी सिटी गेट के पास फायरिंग की घटना हुई। इस घटना ने पूरे कस्बे में अफरा-तफरी मचा दी।

गोलीबारी में दो सगे भाइयों समेत तीन की मौत

इस घटना में अंकित गुप्ता और उनके भाई मोहित गुप्ता की मौत हो गई। तीसरे मृतक की पहचान कुणाल श्रीवास्तव के रूप में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कुणाल की उम्र को लेकर अलग-अलग खबरों में अंतर है; कुछ रिपोर्टों में उन्हें 15 वर्षीय किशोर बताया गया है। गोलीबारी में एक अन्य व्यक्ति रोज गुप्ता के घायल होने की भी सूचना है, जिनका इलाज कराया जा रहा था।

घटना के बाद मृतकों के परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया।

पुलिस की कार्रवाई: कई आरोपी गिरफ्तार

मीडिया रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि मामले में मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी राइफल, एक अवैध तमंचा, वाहन और लाठी-डंडे बरामद किए जाने की जानकारी भी दी है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

हर साल कितनी होती थी कमाई?

रामलीला मेले से जुड़े चंदे और आय-व्यय का हिसाब इस विवाद का अहम पहलू बताया गया है। हालांकि, कमेटी को हर साल कितनी रकम चंदे, दुकानों के किराये या अन्य स्रोतों से मिलती थी, इसका कोई प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। इसलिए सालाना कमाई की किसी निश्चित रकम का दावा करना उचित नहीं होगा।

निष्कर्ष: पीलीभीत के अमरिया में रामलीला मेला कमेटी की अध्यक्षता और चंदे के हिसाब को लेकर चला विवाद बेहद गंभीर हिंसक घटना में बदल गया। तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि विवाद कैसे बढ़ा, गोलीबारी की जिम्मेदारी किसकी थी और घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका रही।

 

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