Friday, February 13, 2026
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निजी स्कूलों की मनमानी रोके जाने की मांग

Demand for private schools to be stopped arbitrarily

अवधनामा संवाददाता

अभिभावक संघर्ष समिति ने मण्डलायुक्त को सौंपा ज्ञापन

सहारनपुर। (Saharanpur)  निजी स्कूल संचालकों द्वारा अभिभावकों को फीस वृद्धि एवं आॅनलाइन पढ़ाई के नाम पर आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न को रोके जाने की मांग को लेकर अभिभावक संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधि मण्डल मण्डलायुक्त एवी राजमौलि से मिला और उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा।
अभिभावक संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय वालिया एवं संयोजक फरहाद आलम गाड़ा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल ने आज मण्डलायुक्त एवी राजमौलि से उनके कार्यालय में भेंट की और प्रदेष के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में अवगत कराया कि 23 मार्च 2020 के बाद पूरे देश में लाॅकडाउन लगने के बाद स्कूल कॉलेज के मैनेजमेंट ने ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर मनमाने तरीके से फीस वसूलने का काम करते हुए कहा कि टीचरों व स्टाफ को मासिक वेतन देना हैै, लेकिन स्टाॅफ व टीचरों को मासिक वेतन भी पूरा नहीं दिया गया। बच्चों से पूरे साल की फीस वसूल की गई। उन्होंने सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों की फीस 3000 से 4000 है। एडमिशन के नाम पर 25000 से 35000 लिए जाते हैं, जिनमें रेनबो स्कूल दिल्ली रोड, रेनबो स्कूल वसंत विहार, रेनबो ड्रॉप स्कूल मिशन कंपाउंड शामिल है, जो पिछले 30 वर्षों से बिना मान्यता के चल रहा है। एथेनिया स्कूल नवादा रोड सहारनपुर, एथेनिया स्कूल नजदीक सोफिया मार्केट कोर्ट रोड, पाइनवुड स्कूल दिल्ली रोड, पाईनवुड स्कूल हसनपुर चुंगी, दिल्ली पब्लिक स्कूल दिल्ली रोड, आशा मॉडर्न चन्द्र नगर, आशा मॉर्डन इंटर नेशनल जनता रोड, सैंट मैरीज एकेडमी मिशन कंपाउंड, सोफिया गल्र्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल रेलवे कॉलोनी, लॉर्ड महावीरा एकेडमी चिलकाना रोड आदि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है। अभिभावक संघ ने सभी स्कूलों से 3 माह की फीस छोड़ने के लिए काफी लंबा आंदोलन किया और प्रशासन को बार-बार गुहार लगाई, लेकिन उनके कांनो तक नहीं रेंगी, जो अभिभावक फीस माफ करने के लिए आवाज उठाते हैं, तो वह अभिभावकों के साथ दुव्र्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि वैष्विक महामारी की दूसरी लहर चल रही है, ऐसे में स्कूल संचालकों की मनमानी न चले, इसके लिए एक जांच कमेटी बनायी जानी चाहिए। जिससे इंग्लिष स्कूल संचालकों की हिटलरषाही न चल सकें। इस मौके पर फरहाद आलम गाड़ा, दिलशाद अहमद, शहजाद, राजू सुखीजा आदि मौजूद रहे।

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