Wednesday, March 11, 2026
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HomeUttar PradeshAyodhyaपशु प्रेमी पर हुए हमले की सीओ से शिकायत

पशु प्रेमी पर हुए हमले की सीओ से शिकायत

 

Complaint with CO for attack on animal lover

अवधनामा संवाददाता

नगर आयुक्त ने भी माना गौशाला के कर्मियों की लापरवाही
अयोध्या। (Ayodhya) योगी सरकार महत्वपूर्ण योजनाओं में प्रत्येक जिले में बने गौशाला में घुमन्तु पशुओं को रखने के लिए बनाए गए इन गौशालाओ में गौवंशो को मृतक गौवंशो के साथ रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। ताजा मामला उस समय सामने आया जब एक पशु प्रेमी समाजसेवी  अयोध्या स्थित बैसिंग कान्हा गौशाला में गौवंशो को तरबूज खिलाने गया तब उसने देखा कि यहां तो गौवंशो का बुरा हाल है। जिसकी तस्वीर पशु प्रेमी ने जब अपने मोबाइल में लेनी चाही तो वहां मौजूद गौरक्षको ने उसे खदड़ते हुए हमला करने का प्रयास किया गया। इसकी हकिकित बयां करते हुए पशु प्रेमी समाजसेवी रितेश दास ने बताया कि जब वह इन तस्वीरों को मोबाइल में कैद कर रहा था तभी उसके ऊपर हमले का प्रयास किया गया। जिसकी लगाया है। शिकायत उन्होंने क्षेत्राधिकारी अयोध्या से किया। रितेश दास द्वारा की गई शिकायत पर थाना पूराकलन्दर की पुलिस जांच भी कर रही है। महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि बैसिंह की कान्हा गौशाला के प्रभारी के खिलाफ पहले भी मंत्री को शिकायत की गयी है। इससे पहले वह सस्पेंड भी हो चुका है, लेकिन उसे दुबारा पद दे दिया गया। जल्दी इसको लेकर नगर विकास मंत्री से मुलाकात की जायेगी। वही समाजसेवी रितेश दास ने बताया कि वह मंगलवार को गाय को तरबूज बांटने के लिए गये थे। उन्हें गौशाला में मौजूद गाय काफी खराब स्थिति में मिली। इसके साथ में आठ से दस गायों की मौत हो गयी थी जिन्हें जेसीबी से दफनाया जा रहा था। जब वह इसकी वीडियों बनाने लगे तो वहां के कर्मचारियों ने इन्हें रोका। रितेश दास ने बताया कि इसके बाद वह वहां से भागे तो चार से पांच मोटरसाईकिल सवार लोगों ने इनका पीछा किया। रास्तें में स्थित मुर्गी पालन केन्द्र में छिपकर उन्होने अपनी जान बचाई। शिकायत के बाद  मौके पर पहुंची 112 पुलिस   उन्हे लेकर दर्शननगर चौकी आयी। वहीं इस मामले पर नगर आयुक्त विशाल सिंह ने बताया कि बैसिंह गौशाला में निराश्रित पशुओं को  रखा गया है। जनप्रतिनिधियों को दान के लिए अवगत कराया गया है। गौशाला संचालन के लिए नगर निगम के उपर अतिरिक्त बोझ है। इसको करने के लिए हमारे पास अतिरिक्त कर्मचारी भी नहीं है। फिर भी इसके लिए नगर निगम के द्वारा व्यवस्था की जा रही है। पहले यहां भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थी जिसपर मेरे आने के बाद लगाम भी लगायी गयी।
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